शामली में दरोगा की पत्नी, बेटा और बेटी के शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक्सीडेंटल इंजरी (चोट) बताई गई है, जिसके आधार पर पुलिस का कहना है कि तीनों ने आत्महत्या की। तीनों के शव का मंगलवार देर रात करौदा महाजन गांव में पहुंचे, तो कोहराम मच गया।
गौरतलब है कि सोमवार आधी रात को शामली में बुढ़ाना रोड रेलवे क्रासिंग के नजदीक रेलवे ट्रैक पर महिला, युवती और युवक का शव पड़ा मिला था। मंगलवार शाम फुगाना थाना क्षेत्र के गांव करौदा महाजन निवासी उदयवीर ने मृतकों की पहचान कर बताया था कि मरने वालों में उनकी बहन मुनेश, भांजी लूना और भांजा धीरज है।
साथ ही बताया था कि मुनेश के पति कृष्णपाल दिल्ली पुलिस में उपनिरीक्षक हैं और वह संतनगर बुराडी में रहते हैं।
इसके बाद शामली कोतवाली पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरनगर भेज दिए थे। रात करीब 11 बजे तीनों के शव करौदा महाजन पहुंचे।
इसी दौरान मुनेश के पति कृष्णपाल भी करौदा महाजन गांव में पहुंचे और तीनों शव अपने साथ दिल्ली ले जाने की बात कहने गए।
मुनेश के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि इनका अंतिम संस्कार या तो करौदा महाजन में अथवा बागपत के गांव जिवाना में कराया जाए। क्योंकि जिवाना गांव में मुनेश की ससुराल है। कृष्णपाल ने शव दिल्ली ले जाने की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने ऐतराज कर दिया।
इसके बाद तीनों के शव का अंतिम संस्कार करौदा महाजन में ही कर दिया गया। मुनेश के भाई उदयवीर का कहना है कि मामले में हमें कोई कार्रवाई नहीं करनी। हादसे में हमारी बहन का परिवार उजड़ गया।
23 को हुई आखिरी बात
बेटे सौरभ की किडनी फेल होने पर मौत हो जाने की वजह से मुनेश डिप्रेशन में थी, जिसके चलते वह अपनी बेटी लूना और बेटे धीरज के साथ घर से निकल गई थी। इसके बाद ही मुनेश के पति कृष्णपाल ने दिल्ली के कश्मीरी गेट थाने में उन तीनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 23 मई की दोपहर मुनेश ने करौदा महाजन में अपने भाई से फोन पर बात की। तब बताया कि वह हरिद्वार में है। इसके बाद मुनेश के भाई ने बहनोई कृष्णपाल से बात की और बताया कि मुनेश कहां है। इसके बाद उसने कॉल काट दी थी।