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मिल प्रबंधन और परिजनों की बात में फर्क

Fri, 13 Jul 2018 12:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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शामली क्षेत्र के गांव बधेव में पूर्व सहायक प्रबंधक के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे ग्रामीण और परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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शामली में आत्महत्या करने वाले जनविजय सिंह के परिजनों ने पुलिस को बताया कि बीमारी के कारण छह माह पूर्व से जनविजय ने ऊन शुगर मिल से अवकाश ले लिया था, जबकि शुगर मिल के अधिकारियों का कहना है कि जनविजय ने तीन साल पूर्व नौकरी छोड़ दी थी। इस बिंदु पर भी पुलिस जांच करने में लगी है। बुधवार रात गांव बधेव निवासी जनविजय सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलने पर आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि परिजनों ने पुलिस को यही बताया है कि जनविजय मानसिक तनाव में था और छह महीना पूर्व ही बीमारी के कारण शुगर मिल से अवकाश लेकर घर रह रहा था। उधर, ऊन शुगर मिल के महाप्रबंधक (केन) अनिल सहरावत और एचआर विभाग के रणवीर सिंह ने बताया कि जनविजय सिंह ने 2012 में ऊन शुगर मिल में असिस्टेंट मैनेजर (केन) के पद पर ज्वाइन किया था। करीब तीन साल पूर्व वह नौकरी छोड़कर चले गए थे। इसके बाद वह नौकरी पर नहीं आए। रणवीर सिंह ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम कि परिवार के लोग छह महीना पूर्व अवकाश लेने की बात क्यों कह रहे हैं। अब सवाल यह है कि छह माह पूर्व बीमारी के कारण शुगर मिल से अवकाश की बात पुलिस को क्यों बताई गई। सुसाइड नोट में 10 करोड़, रिपोर्ट में 20 करोड़ शामली। जनविजय की डायरी में लिखा जो सुसाइड नोट मिला, उसमें शुरू में अंतिम लाइन में 10 करोड़ रुपये पुराने नोट बदलवाने का दबाव बनाना तथा 50 लाख रुपये बदलने की बात लिखी है। वहीं, जनविजय की पत्नी अंजू ने आदर्श मंडी थाने में जो रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसमें नोटबंदी के दौरान 20 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने का दबाव बनाना बताया गया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि कुछ रुपये बदलवाने के बाद भी बहनोई विनोद पंवार ने जनविजय और उसके परिवार को प्रताड़ित किया तथा उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। इसी कारण जनविजय मानसिक तनाव में थे और विवश होकर आत्महत्या कर ली। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को भेजा जाएगा सुसाइड नोट शामली। ऊन शुगर मिल के पूर्व सहायक प्रबंधक (गन्ना) जनविजय सिंह की आत्महत्या का मामला पूर्व आईएएस और नोटबंदी से जुड़ा होने के कारण पुलिस इसमें फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पुलिस ने मृतक के कमरे की जांच की और सुसाइड नोट भी कब्जे में लिया। अब पुलिस इस सुसाइड नोट को जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजने की तैयारी कर रही है। जनविजय के कमरे से परिजनों और पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने पूर्व आईएस विनोद पंवार को मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लिया और विवेचना में शामिल कर लिया है। मामला पूर्व आईएएस और नोटबंदी से जुड़ा होने के कारण पुलिस इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहती। यही कारण है कि अब पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता को जानेगी? क्या जनविजय ने ही यह सुसाइड नोट लिखा है और इस पर उसकी ही राइटिंग है। इसकी जांच के लिए सुसाइड नोट हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा। इसके अलावा पुलिस इस मामले में अन्य कई बिंदु पर भी जांच कर रही है। एसओ राजकुमार शर्मा ने बताया कि सुसाइड नोट को जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य कई बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
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