प्राथमिक विद्यालय सोहजनी उमरपुर में बच्चों को बंटने वाला दूध कागजों के पेट में चला गया। बच्चों को दूध दिया नहीं जाता, मगर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही रिपोर्ट में प्रत्येक बुधवार को दूध बांटा जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मामले में जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
ग्राम सोहजनी उमरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में 161 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में प्रत्येक बुधवार को दूध वितरण की योजना है। इसके बावजूद उक्त विद्यालय में बच्चों को दूध वितरित नहीं किया जा रहा। बुधवार को स्कूल में 150 बच्चों को ताहरी का वितरण किया गया। मीडिया कर्मियों ने बच्चों से दूध के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि दूध नहीं मिला।
वहीं, एनपीआरसी माधव राम शर्मा ने बताया है कि उक्त विद्यालय से 161 बच्चो को दूध पिलाने की रिपोर्ट आई है, जो लगभग 24 किलो दूध बनता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित भारती का कहना है कि दूध वितरण की रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
गांव के लोगों का कहना है कि विद्यालय में मिड डे मील के भोजन में भी घटिया सामग्री इस्तेमाल की जा रही है। उधर, इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि बच्चों को दूध वितरित किए बगैर ही रिपोर्ट भेजी जा रही है, तो वह जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे।