शामली। संदिग्ध गतिविधियों के शक में एंटी टेरेरिस्ट स्कवायड ने झिंझाना कस्बा निवासी युवक को पकड़ा है। पूछताछ के लिए टीम उसे अपने साथ ले गई। युवक एक मदरसे में कुरान शरीफ की पढ़ाई कर रहा था। मसजिद में नमाज के लिए जाने के दौरान उसे पकड़ा गया। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उसे बेकसूर बताया है। स्थानीय पुलिस अधिकारी इस बारे में कोई खास जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
झिंझाना कस्बा के मोहल्ला तलाही निवासी हाजी रहीस का बेटा अब्दुल रहमान उर्फ अब्दुल्ला बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे घर के पास ही स्थित मसजिद में नमाज पढ़ने गया था। इससे पूर्व ही एटीएस की टीम और झिंझाना थाना पुलिस ने आसपास के इलाके में घेराबंदी कर रखी थी। मसजिद के गेट से ही टीम ने अब्दुल्ला को पकड़ लिया। इसके बाद उसके घर से कुछ किताबें तथा दो मोबाइल भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिए। अब्दुल्ला को पकड़ने के बाद टीम लौट गई। इसके बाद कस्बा में सनसनी फैल गई। चर्चाओं का बाजार गरम हो गया। वहीं, नगर पंचायत चेयरमैन हाजी सरफराज खां ने अब्दुल्ला के परिजनों के साथ शामली पहुंचकर अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और अब्दुल्ला के पकड़े जाने के बारे में जानकारी की। उन्होंने परिजनों से कह दिया कि हमें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
आधार कार्ड के मुताबिक नाबालिग है अब्दुल्ला:-
झिंझाना से एटीएस की टीम अब्दुल्ला का आधार कार्ड भी अपने साथ लेकर गई है। उसके आधार कार्ड में जन्मतिथि एक जनवरी 2000 दर्ज है, जबकि पुलिस उसकी उम्र करीब 20 वर्ष बता रही है। परिजनों का कहना है कि अब्दुल्ला को किसी गलतफहमी में पकड़ा गया है, किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा संगठन से किसी तरह के कनेक्शन की उन्हें जानकारी नहीं है।
पिता चलाता है राशन डीलर की दुकान:-
अब्दुल्ला की मां के नाम राशन की दुकान आवंटित है। पिता हाजी रहीस राशन की दुकान संभालते हैं। परिवार में अब्दुल्ला के अलावा उसका एक बड़ा भाई है, जो मानसिक रूप से बीमार है। छह बहने हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है, जबकि तीन अविवाहित हैं।