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गलियों में पसरा रहा सन्नाटा, दहशत से हर दरवाजा बंद

Thu, 24 Nov 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
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कैराना से 11 किलोमीटर दूरी पर है गांव अकबरपुर सुन्हेटी। पहले गुड्डी की हत्या हुई, तो आरोप दूसरे समुदाय के लोगों पर लगा। अब उसी परिवार के ब्रह्मपाल की हत्या में भी दूसरे समुदाय के लोग आरोपी हैं। इन वारदातों से गांव में तनाव बढ़ रहा है। दहशत ऐसी कि गलियां सूनी रहने लगी हैं, तो मकानों के दरवाजे बंद रहने लगे हैं। गांव में पुलिस और पीएसी का पहरा है, मगर गांव का हर शख्स सहमा हुआ है। 
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सात महीना पूर्व जब गुड्डी की हत्या हुई, तो अकबरपुर सुन्हैटी के कुरबान और मोहसिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तब से गांव में दहशत और तनाव ने घर बना लिया। पुलिस प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से ही पीएसी तैनात कराई। अब ब्रह्मपाल की हत्या होने के कारण फिर से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। 

पुलिस अधिकारियों ने पीएसी की टीम के अलावा गांव में अतिरिक्त फोर्स भी तैनात कर दिया है, मगर गांव में दहशत कम नहीं हो रही है। मंगलवार को एक ओर जहां ब्रह्मपाल के मकान पर मातम  पसरा हुआ था। परिवार के लोग बिलख बिलखकर रो रहे थे, तो दूसरी तरफ पूरे गांव में गलियां सुनसान पड़ी थीं। मकानों के दरवाजे बंद थे और लोग सहमे हुए थे। 
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गांव में पहले जैसी स्थिति नहीं रही है। ग्रामीणों का कहना था कि कानून व्यवस्था खराब होने के कारण गांव का यह हाल हो गया है। 
उधर, कश्यप बिरदारी के मोहल्ले के पास पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद थे। वहीं, ब्रह्मपाल  की शवयात्रा यमुना नदी किनारे श्मशान घाट पर ले जाते समय भी पुलिस सतर्क रही। शवयात्रा के  साथ साथ दो दरोगा और तीन सिपाही चल रहे थे।

संगीनों के साये में हुआ अंतिम संस्कार 
कैराना। थाना कैराना क्षेत्र के गांव अकबपुर सुन्हेटी में सोमवार शाम ब्रह्मपाल का शव पहुंचा, मंगलवार सुबह उसका अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा नेताओं ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उधर, हत्या का आरोप दूसरे  समुदाय के लोगों पर लगने के कारण गांव में तनाव व्याप्त है। एहतियातन पुलिस और पीएसी के जवान गांव में तैनात हैं। 

अप्रैल माह में अकबरपुर सुन्हेटी गांव निवासी गुड्ड़ी की हत्या के मामले में समझौता न करने पर रविवार देर रात उसके जेठ ब्रह्मपाल की घेर में सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।

ब्रह्मपाल के भाई रमेश की ओर से गांव के ही दूसरे समुदाय के छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम ब्रह्मपाल का शव गांव में पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार सुबह करीब दस बजे ब्रह्मपाल का शव यमुना नदी तट पर पठेड़ गांव के निकट ले जाया गया। 

भाजपा नेता अनिल चौहान सहित अन्य लोग भी अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहे। दोपहर बाद भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने भी गांव पहुंचकर घटना पर संवेदना व्यक्त की। कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। वहीं, गांव में सुरक्षा के लिहाज से पीएसी के जवानों के साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।

बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि 
ब्रह्मपाल के शव को उनके बड़े बेटे मनोज ने मुखाग्नि दी। ब्रह्मपाल का एक बेटा योगेश मध्य प्रदेश में कोल्हू पर काम कर रहा था। पिता की हत्या की खबर सुनकर योगेश भी मध्य प्रदेश से मंगलवार सुबह अकबरपुर सुन्हैटी गांव पहुंचा। इसके बाद ही उसका अंतिम संस्कार कराया गया। 

हत्यारों ने ब्रह्मपाल के सिर में 12 बोर की गोली मारी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक कनपटी पर सटाकर गोली मारी गई, जिसमें 12 बोर के कारतूस का इस्तेमाल होना पाया गया है। गोली ब्रह्मपाल का भेजा उड़ाते हुए पार निकल गई।
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