अमर उजाला ब्यूरो
कांधला। ग्राम पंचायत के रिकार्ड में मृत घोषित युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ अदालत में बलवा और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा विचाराधीन है, जिसमें न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कांधला थाना क्षेत्र के गांव नाला में वर्ष 2007 में दलित तेजपाल और उसकी पत्नी के साथ गांव के ही सतवीर, चैनपाल, बोबी, पंपोज और सुनील ने मारपीट करते हुए जातिसूचक शब्दों को प्रयोग किया था। तेजपाल ने पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सुनील, चैनपाल, बोबी और पंपोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान के मुताबिक आरोपी सतवीर तब से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब, दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में जाकर छिपता रहा था। इस बीच न्यायालय से आरोपी सतवीर के खिलाफ वारंट जारी होते रहे, लेकिन उसका पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई थी। थाना प्रभारी के मुताबिक पुलिस की दबिश के चलते 16 फरवरी 2015 में आरोपी के परिजनों ने ग्राम पंचायत रजिस्टर में सतवीर को मृत घोषित करा दिया और उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पुलिस को सौंप दिया था।
उधर, वादी प़क्ष तेजपाल द्वारा मामले की शिकायत किए जाने पर सतवीर के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी होने लगे। मंगलवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी सतवीर को नाला नहर पटरी से गिरफ्तार कर लिया और उससे चाकू बरामद कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। वहीं, मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के मामले में जांच की जा रही है। यदि ग्राम प्रधान पर आरोप की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान के पति ओमवीर ने बताया कि सतवीर नाम के किसी व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनाया है। आरोपी के फर्जी मृत्यु प्रमाण की जानकारी उन्हें भी हुई थी। इसके बाद कांधला थाना पुलिस को सूचना दे दी थी।