कांधला (शामली)। न्यायालय के आदेश के बाद भी गांव इस्सोपुर टील में रेत खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अवैध रेत खनन के कारोबार को लेकर शुक्रवार रात दो पक्षों में दहशत फैलाने के लिए जमकर हवाई फायरिंग हुई। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई के नाम पर मौन साधे हुए हैं।
क्षेत्र के गांव इस्सोपुर टील में काफी समय से भारी मात्रा में रेत खनन चल रहा है। कुछ समय पूर्व प्रशासन की सख्ती के चलते खनन के अवैध कारोबार पर आंशिक रूप से प्रतिबंध लगा था, लेकिन फिर प्रशासन द्वारा कुछ लोगों को राजनीतिक प्रभाव के चलते रेत खनन के एक हजार घन मीटर स्टॉक का नीलामी ठेका छोड़ दिया।
इसका फायदा खनन माफिया जमकर उठा रहे हैं। रेत का स्टॉक उठाने के स्थान पर यमुना नदी के आसपास जेसीबी व पोपलेन मशीन से खनन किया जा रहा है, जिसे लेकर खनन माफिया को दूसरा पक्ष भी खनन करने के लिए सक्रिय हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार रात दूसरे खनन माफिया के साथी भी रेत खनन कराने के लिए पहुंच गए, जिस कारण दोनों के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने खनन क्षेत्र पर अपना दावा करते हुए खनन करने की एक दूसरे को चेतावनी दी। कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों ने अवैध हथियारों से दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिग शुरू कर दी।
खनन क्षेत्र में रेत माफिया के बीच हुई गोलीबारी व संघर्ष से आम ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। मामले में ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन सत्ता प्रभाव के चलते खनन माफिया पर कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गौरतलब है कि इस्सोपुर टील में अवैध खनन को लेकर पूर्व में भी खूनी संघर्ष हो चुका है। मामले को अगर पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया तो रेत खनन को लेकर कभी भी खूनी खेल खेला जा सकता है।
इस बारे में कांधला थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा का कहना है कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर नहीं करने दिया जाएगा। इस्सोपुर टील गांव के यमुना किनारे पर फायरिंग होने की जानकारी उन्हें नहीं है।