कांधला। गांव भभीसा के जितेंद्र की हत्या रुपयों के लेनदेन के विवाद में की गई थी। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। उधर, मंगलवार को जितेंद्र का शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचा। परिवार के लोगों में मातम पसरा हुआ है।
गांव भभीसा निवासी जितेन्द्र सिंह (40) सोमवार दोपहर दो बजे अपने घेर में सो रहा था । इसी दौरान हमलावरों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। उपचार के लिए मेरठ ले जाते समय जितेंद्र ने दम तोड़ दिया था। जितेंद्र के बेटे मयंक ने देर रात थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसके पिता से गांव के कश्यप समाज के रवि और अंकुर ने करीब तीन लाख रुपये उधार ले रखे थे।
यह रकम दोनों के पास आधी आधी थी । अपने रुपये मांगने पर उसके पिता से रंजिश रखते थे । थाना प्रभारी ने बताया कि दबिश के दौरान दोनों को हिरासत में लिया गया । दोनों ने पूछताछ के दौरान बताया कि जितेन्द्र ने अब अपने रुपयों का तकादा शुरू कर दिया था हम लोगों ने उससे कुछ समय मांगा था, लेकिन वह अपने रुपयों का तकादा बार बार सख्ती से कर रहा था। इसी कारण जितेन्द्र से रंजिश रखने लगे थे ।
इसी रंजिश में जब सोमवार को जितेन्द्र की पत्नी उसे खाना देने के बाद घर चली गई तो हम घेर में पहुंचे। घेर के बाहर सो रहे जितेन्द्र की चारपाई को खींचकर अंदर कमरे में ले गए और धारदार हथियार से हमला करके फरार हो गए थे। वहीं, इस मामले में थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी रवि और अंकुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। वहीं घटना के बाद में मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।
अंकुर का ट्रैक्टर कब्जे में ले लिया था
थाना प्रभारी ने बताया कि जितेन्द्र ने कुछ समय पूर्व अंकुर के ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया था। दो दिन पूर्व अंकुर ने अपना ट्रैक्टर मांगा, तो जितेन्द्र ने मना कर दिया था। इसको लेकर अंकुर और जितेंद्र के बीच कहासुनी भी हुई थी। वहीं, दूसरे आरोपी रवि पर भी जितेंद्र रुपये लौटाने का दबाव बना रहा था। इसी के चलते रवि और अंकुर ने जितेंद्र की हत्या की साजिश बनाई।