शामली में रोहिंग्या मुसलिम का एक परिवार काफी समय तक शामली जिले में रहा। म्यांमार से रोहिंग्या मुसलिमों के भगाने के मामले के हल्ला मचा, तो वह परिवार यहां से दिल्ली चला गया। अब शासन ने रोहिंग्या मुसलिमों के बारे में सूचना मांगी है, ताकि इन पर नजर रखी जा सके।
रोहिंग्या दंपति अपने दो बच्चों के साथ काफी समय तक शामली जनपद के थानाभवन क्षेत्र में रहता रहा। दो माह पूर्व जब म्यामांर से रोहिंग्या मुसलिमों के भगाए जाने के बाद भारत में भी इस मसले पर हल्ला मच गया था। राजनीतिक दल इनको लेकर अलग-अलग बयानबाजी कर रहे थे। वहीं, पुलिस और खुफिया विभाग भी रोहिंग्या मुसलिमों के बारे में जानकारी जुटाने में लग गया था। इसी दौरान पता चला कि थानाभवन क्षेत्र में रोहिंग्या मुसलिमों का एक परिवार रहता है, जैसे ही परिवार को यह मालूम हुआ कि रोहिंग्या मुसलिमों को लेकर विरोध मुखर हो रहा है, तो वह घबरा गया। इसके चलते वह परिवार दिल्ली में रहने वाले अपने परिचितों के यहां चला गया। उधर, शुक्रवार को शासन स्तर से रोहिंग्या मुसलिमों के बारे में सूचना मांगी गई। साथ ही कहा गया कि यदि किसी क्षेत्र में रोहिंग्या मुसलिम रह रहे हैं, तो उनकी निगरानी की व्यवस्था कराई जाए।
इसके लिए उन्हें चिह्नित किया जाए। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि शामली जिले में फिलहाल कोई रोहिंग्या मुसलिम परिवार निवास नहीं कर रहा है। एक दंपति और उसके दो बच्चे थानाभवन क्षेत्र में रहते थे, जो दो महीना पूर्व अपने किसी परिचित के यहां दिल्ली चला गया है। उस परिवार के पास यूएनओ से जारी परिचय पत्र भी था।