शामली। शहर के मोहल्ला रामशाला में आठ दिन पहले सराफ के घर में परिजनों को बंधक बनाकर डकैती डालने की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जबकि घटना का मास्टर माइंड मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से तीन तमंचे, कारतूस, नौ हजार रुपये, मोबाइल, एटीएम कार्ड और तीन बाइक बरामद की है।
रविवार को पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता में बताया कि शनिवार रात को स्वाट टीम प्रभारी सत्यपाल सिंह और कोतवाली के एसएसआई रविंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस टीमें गश्त करते हुए करनाल रोड नहर पुल पर पहुंची। दोनों टीम नहर पुल से कैराना रोड की तरफ चली, तो सामने से तीन बाइक पर चार लोग आते दिखाई दिए।
पुलिस की गाड़ी देखकर बाइक सवार भागने लगे। बदमाश होने के शक ने पुलिस टीमों ने पीछा किया और उन्हें रुकने को कहा, लेकिन वे पुलिस पार्टी पर फायर करते हुए भागने लगे। इसी दौरान दोनों बाइक आपस में भिड़ने पर गिर गई। पुलिस टीमों ने घेरकर दो बाइकों पर सवार तीन लोगों को पकड़ लिया, जबकि चौथा बदमाश कुछ दूर बाइक को छोड़कर तमंचे से फायर करता हुआ फरार हो गया। एएसपी के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम रामलाल कश्यप निवासी गौशाला रोड शामली, आकाश निवासी गांव लपराना थाना झिंझाना और अंकित निवासी गांव भभीसा थाना कांधला बताए गए हैं। जबकि फरार साथी का नाम अरुण निवासी मोहल्ला बड़ी आल शामली बताया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से तीन बाइक, तीन तमंचे, छह जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस, नौ हजार रुपये, मोबाइल, एटीएम कार्ड बरामद हुए।
एएसपी ने बताया कि बरामद बाइकों में एक बाइक सराफ के यहां से डकैती डाली गई थी। दूसरी बाइक दिल्ली से चोरी करना बताया गया, जबकि तीसरी बाइक पकड़े गए आकाश की बताई गई है। एएसपी का दावा है कि पकड़े गए तीनों बदमाश 23 फरवरी को मोहल्ला रामशाला में सराफ अनिल वर्मा उर्फ
पप्पू के घर में पत्नी और बेटे को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। जबकि मौके से फरार अरुण इस घटना का मास्टर माइंड रहा है। उसकी तलाश की जा रही है। इसके अलावा गिरफ्तार बदमाशों में रामलाल और अंकित तीन दिन पहले माजरा रोड पर चंडीगढ़ के थाना डेराबसी के गांव धनौनी निवासी टैक्सी ड्राईवर कुलदीप को गोली से घायल कर लूट करने में शामिल रहे हैं। इस घटना में अरुण भी शामिल था।
पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से जो नौ हजार रुपये बरामद हुए है, उनमें चार हजार सराफ के घर से लूट के बरामद हुए हैं। जबकि पांच हजार रुपये, एटीएम कार्ड और मोबाइल टैक्सी ड्राईवर कुलदीप से लूटा गया था। एसपी अजय कुमार ने पुलिस टीम को 20 हजार का नकद इनाम देने की घोषणा की है। प्रेसवार्ता के दौरान सीओ सिटी अशोक कुमार, कोतवाली प्रभारी पीके सिंह और स्वाट टीम प्रभारी सत्यपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
पुलिस के खुलासे से परिजन संतुष्ट नहीं
शामली। आठ दिन पहले मोहल्ला रामशाला में हुई डकैती का पुलिस ने तो खुलासा कर दिया, लेकिन परिजन पुलिस के इस खुलासे से संतुष्ट नहीं है। पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के समय मौजूद सराफ अनिल वर्मा और उनके बेटे अभिषेक ने कहा कि पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसमें लूटे गए जेवर में कोई भी चीज बरामद नहीं हुई है। पकड़े गए बदमाशों से उनकी न तो बात कराई गई और न ही उन्हें दिखाया गया। पुलिस ने उन्हें बदमाशों के फोटो दिखाए हैं। फोटो के आधार पर यह पूरी तरह तय नहीं हो सका कि डकैती डालने वाले बदमाश यही थे या नहीं। कहा कि जब तक लूटा गया माल बरामद नहीं होता तब तक वह कैसे संतुष्ट हो सकते है।
प्रेसवार्ता में पूछे सवालों में उलझे बदमाश
शामली। प्रेसवार्ता के दौरान पूछे गए कई सवालों पर बदमाश उलझते हुए नजर आए। जब बदमाशों से पूछा गया कि लूट के दौरान घर में कितने लोग थे, तो एक बदमाश बोला कि घर में उस समय दो महिलाएं थीं। जबकि घटना के समय घर पर केवल सराफ की पत्नी और बड़ा बेटा ही मौजूद थे। बताया कि तीन बदमाश जीने से ऊपर गए थे, जबकि एक निगरानी के लिए नीचे खड़ा था, जबकि घटना के दौरान पीड़ित परिवार ने ऊपर मकान में चार-पांच बदमाशों का होना बताया था। पकड़े गए एक बदमाश ने कहा कि अरुण ने उन्हें 700 रुपये दिए और बोला कि वह मुजफ्फरनगर शादी में जा रहा है, वहां से लौटने के बाद हिसाब करेगा। बदमाशों ने पांच मिनट में घटना को अंजाम देना बताया, जबकि पीड़ित परिवार ने घटना के दौरान 20 मिनट से अधिक समय तक बदमाशों का होना बताया था। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने दावा किया कि घटना में शामिल असली बदमाश पकड़े गए हैं। इस घटना का मास्टर माइंड अरुण है, जो अभी फरार है। पकड़े गए बदमाशों ने लूट का माल फरार बदमाश अरुण के पास होना बताया है। उन्होंने पीड़ित परिजनों को फरार अरुण की गिरफ्तारी होने पर लूटे गए गहने व अन्य सामान बरामद होने का भरोसा दिलाया है। एएसपी ने कहा कि अरुण की गिरफ्तारी पर सभी सवालों के जवाब खुद मिल जाएंगे।
अरुण शातिर बदमाश, पहले भी जा चुका है जेल
शामली। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि अरुण शातिर बदमाश है। उस पर खतौली में जानलेवा हमला करने, लूट और आर्मस एक्ट के तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं, जिनमें वह जेल गया था। इनके अलावा शामली में सराफ के यहां डकैती डालने, पुलिस मुठभेड़ समेत तीन मुकदमे कोतवाली में दर्ज किए गए हैं। रामलाल कश्यप पर शामली कोतवाली में लूट करने समेत चार मुकदमे दर्ज हुुए हैं, जबकि आकाश और अंकित पर एक-एक मुकदमा पहले से थाना झिंझाना पर दर्ज हैं। तीन-तीन मुकदमे शामली कोतवाली पर दर्ज किए गए हैं।
फेसबुक पर हुई थी कुलदीप से दोस्ती
शामली। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि चंडीगढ़ के गांव धनौनी निवासी टैक्सी ड्राईवरी कुलदीप से शामली निवासी रामलाल के साथ दोस्ती फेसबुक से हुई थी। पहले कभी उनका आमना सामना नहीं हुआ था। जब वह अपनी परिचित महिलाओं के साथ कार से शामली से गुजर रहा था, तो कुलदीप ने मिलने के लिए रामलाल को फोन लगाया था। रामलाल ने उन्हें माजरा रोड पर बुलाया और बाइक पर बैठाकर ले गया था। आगे चलकर रामलाल ने अंकित और अरुण के साथ मिलकर उससे दस हजार रुपये, मोबाइल और एटीएम कार्ड लूट लिया था। लूट का विरोध करने पर कुलदीप को गोली मारकर घायल कर दिया था। जबकि बदमाशों का कहना था कि कुलदीप ने उनसे पिस्टल दिलाने को कहा था। उन्होंने पिस्टल देने की झूठी बात कहकर कुलदीप को बुला लिया था। एएसपी का कहना है कि पिस्टल लेनेदेेने का कोई मामला जांच में सामने नहीं आया है।