डकैती के बाद बिखरे सामान को देखता युवक।
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शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के गांव भंदौड़ा में दीवार कूदकर पांच सशस्त्र बदमाश घुस गए। बदमाशों ने बच्चों को तमंचे और चाकू की नोक पर आतंकित करते हुए परिजनों को बंधक बनाकर लूटपाट की और फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। मामले में तहरीर दी गई है।
गांव भंदौडा निवासी शमीम पुत्र अख्तर का मकान बाबरी मार्ग पर गांव के बाहर है। शमीम बकरी पालकर व रुई मशीन से रजाई भराई का काम करता है। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े दस बजे शमीम पत्नी और चार छोटे बच्चों के साथ टीवी देख रहा था। इसी बीच दीवार फांदकर पांच बदमाश उसके घर में घुस आए। तमंचों के बल पर आतंकित करते हुए बदमाशों ने शमीम को बंधक बनाकर दरवाजे पर लटके परदे से हाथ पैर बांध दिए और उसके ऊपर रजाई डालकर बैठ गए। बदमाशों ने सभी को गोली मारने की धमकी देते हुए चुप करा दिया। इस दौरान बदमाशों ने लूटपाट की और घर में रखी 20 हजार नगदी तथा जेवरात लूट लिए। पीड़ित ने विरोध किया तो छोटे बच्चे को चाकू की नोक पर लेकर चुप रहने का दबाव बनाया, लेकिन इसी दौरान शमीम बंधनमुक्त होकर बदमाशों से भिड़ गया और शोर मचा दिया। जिसके बाद बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए जंगल के रास्ते फरार हो गए।
शोरशराबा होने पर अन्य ग्रामीण मौके पर आ गए। मामले की शिकायत डायल-100 पुलिस को की गई। करीब साढ़े 11 बजे सूचना पर डायल 100 मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी हासिल की। डकैती की घटना से क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। सुबह बाबरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले में तहकीकात की। बाबरी थाना अध्यक्ष पंकज गौतम ने बताया कि जो तहरीर दी गई है उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। चोरी का मामला प्रकाश में आया है, वह भी संदिग्ध लग रहा है।