कैराना। पुलिस अभिरक्षा से बदमाश को छुड़ाने और हथियार लूटने के आरोपी को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने आठ साल कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता जावेद अली व संजय चौहान ने बताया कि 22 जुलाई 2004 को मेरठ पुलिस लाइन से कांस्टेबल
जगबीर सिंह, विक्रम सिंह, योगेंद्र सिंह मेरठ जेल में बंद बदमाश बिट्टू उर्फ नरेंद्र निवासी कैल को कैराना फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेशी के बाद बस द्वारा वापस मेरठ जेल लेकर आ रहे थे।
दोपहर ढाई बजे ऊंचागांव में नवचेतना केंद्र आश्रम के पास कांधला की ओर से आ रही मारुति कार ने ओवरटेक कर बस रुकवा ली। जिसके बाद कार से सवार चार बदमाश उतरे और फायरिंग करते हुए बस के अंदर चढ़ गए। बदमाशों ने बस में मौजूद सवारियों की आंखों में मिर्च का पाउडर डाल दिया।
बदमाशों ने पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला करते हुए विक्रम, योगेंद्र से एसएलआर लूट ली थी और बिट्टू को छुड़ा कर ले गए। इस मामले में पुलिस कांस्टेबल जगबीर सिंह ने कैराना कोतवाली में चार बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान अभियुक्त रमेश उर्फ नीटू कैल, पंकज निवासी पीपलहेड़ा थाना बाबरी और हरीश निवासी गढ़ीपुख्ता के नाम सामने आए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेज दी।
जबकि चौथे आरोपी का पता नहीं चल सका था। मामले में आरोपी रमेश उर्फ नीटू कैल व पंकज एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। जबकि हरीश निवासी गढ़ीपुख्ता को दिल्ली पुलिस ने उसके साथियों व असलाह सहित गिरफ्तार किया था। पुलिस अभिरक्षा से बदमाश साथी को छुड़ाने, पुलिस पर जानलेवा हमला करने और हथियार लूटने के मामले की सुनवाई कैराना केे अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया। सोमवार को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर हरीश निवासी गढ़ीपुख्ता को आठ वर्ष के कठोर कारावास, 20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर ढाई माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।