कांधला। ग्राम समाज की भूमि को कब्जा मुक्त कराने पहुंची राजस्व टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि प्रधान की मिलीभगत से राजस्व विभाग मंदिर की जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित करना चाहता है।
कांधला देहात के मजरा गांव सलेमपुर के प्रधान के पति जीशान ने तहसील दिवस में शिकायत कर कहा था कि ग्राम पंचायत की 42 बीघा भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।
इस पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर निशानदेही करा दी थी। शनिवार को प्रधान के पति ने उक्त जमीन पर जेसीबी मशीन से खुदाई करा दी। जिसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। पहल सिंह और राम अवतार आदि का आरोप था कि प्रधान के पति ने खुदाई कराकर मंदिर के पास खनन कराना चाहता है, जिससे मंदिर संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
वहीं, उक्त प्रकरण को लेकर रविवार दोपहर तहसीलदार अभयराज पांडेय, सीओ कैराना और थाना प्रभारी ओपी चौधरी पुलिस बल को साथ लेकर गांव में पहुंचे।
इस दौरान प्रधान के पति जीशान सहित अन्य लोग भी इकट्ठा हो गए। दोनो पक्षों के लोगों के बीच आरोप प्रत्यारोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। सीओ कैराना ने कहा कि जमीन की पैमाइश दीपावली के बाद कराई जाएगी, तब तक मंदिर के नाम पर यहां किसी प्रकार का नवनिर्माण, तालाब की खुदाई नहीं होगी। थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि प्रकरण की रिपोर्ट एसडीएम कैराना को सौंप दी गई है।
तहसीलदार से हुई नोकझोंक
ग्रामीणों ने जमीन संबंधी बैनामे दिखाए। आरोप है कि राजस्व अधिकारियों ने उनके बैनामों पर कोई संज्ञान नहीं लिया। इसको लेकर ग्रामीणों की तहसीलदार के साथ नोकझोंक भी हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि तहसीलदार एकपक्षीय कार्रवाई कराने पर आमादा हैं। वहीं, तहसीलदार ने बताया कि टीम के पहुंचने पर कुछ ने इसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की। यदि किसी ने बैनामे कर दिए हैं, तो वह जांच कर पट्टे निरस्त कर दिए जाएंगे।