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हरियाणा के 17 किसानों पर रिपोर्ट

Sun, 07 May 2017 12:12 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। सीमा विवाद के चलते यूपी के किसानों को दौड़ा दौड़ाकर पीटने के मामले में हरियाणा के 17 किसानों के खिलाफ कैराना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, मालूम चला है कि हरियाणा के किसानों ने भी सलौनी थाने में यूपी के किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
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शुक्रवार को यूपी हरियाणा सीमा पर यूपी के गांव मवी के किसान भूमि की जुताई करने पहुंचे थे। इसी दौरान हरियाणा के किसानों की भीड़ वहां पहुंच गई थी और जुताई का विरोध करते हुए यूपी के किसानों पर लाठी डंडे और धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। साथ ही हरियाणा के किसानों ने फायरिंग भी की थी। घटना में यूपी के कई किसान घायल हो गए थे। मामले में मवी गांव निवासी घायल किसान अतर सिंह ने हरियाणा के किसानों के खिलाफ तहरीर दी थी।

उस पर कैराना कोतवाली पुलिस ने हरियाणा के नन्हेडा और रीशपुर गांव के किसान रविंद्र, कृष्ण, बलवान, पहल सिंह, अशोक, सुनील, मोहर सिंह, सतबीर, सत्ता, शीशु, बिशंभर, इलमा, कटारा, कृपाल दुधाया, प्रकाश, मुखिया तथा सुरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा का कहना है कि मवी गांव के किसान की तहरीर पर हरियाणा राज्य के 17 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।  
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उधर, मालूम चला है कि हरियाणा के किसानों ने भी सनौली थाने में यूपी के किसानों के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसको लेकर यूपी के किसानों में रोष बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यूपी-हरियाणा सीमा विवाद पर हरियाणा का प्रशासन वहां के किसानों की पूरी मदद करता है, जबकि यूपी का प्रशासन ढुलमुल रवैया अपनाता है। शुक्रवार को भी जब संघर्ष हुआ था, तो हरियाणा पुलिसकर्मियों के कई वाहन मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने यूपी के हिसानों को ही डरा धमकाकर मौके से भगा दिया था। 

दूसरे दिन रही तनावपूर्ण खामोशी
कैैराना। गांव मवी के यमुना खादर में शुक्रवार को यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच संघर्ष हुआ था, वहां शनिवार को तनावपूर्ण खामोशी रही। यमुना खादर क्षेत्र में भूमि को अगली फसल के लिए तैयार किया जाना है, लेकिन शनिवार को दोनों राज्यों के ही किसान वहां नहीं पहुंच सके। शांति सुरक्षा के लिए पूरा दिन क्षेत्र में दोनों राज्यों की पुलिस गश्त करती रही।

डीएम ने मांगी रिपोर्ट, पैमाइश कराने का निर्देश 
कैराना। यूपी और हरियाणा सीमा विवाद के संबंध में थाने में पहुंचे जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने एसडीएम को निर्देश दिया कि आठ दिन के भीतर यमुना खादर क्षेत्र में चल रहे सीमा विवाद के संबंध में लेखपालों से रिपोर्ट तैयार कराएं। मौके पर जाकर पैमाइश कराएं तथा भूमि विवाद से संबंधित मामलों का पूरा ब्यौरा दें।

ताकि हरियाणा प्रदेश के अधिकारियों से वार्ता करके विवाद का हल निकाला जा सके। शनिवार को कैराना कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में अचानक पहुंचे जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजय पाल शर्मा ने एसडीएम कैराना से यूपी हरियाणा सीमा विवाद के संबंध में वार्ता की। निर्देश दिया कि आठ दिन में लेखपालों से अपने-अपने क्षेत्र मवी, बरनावी, भूरा, तितरवाड़ा मामोर आदि गांवों की विवादित भूमि के मामलों का एक रजिस्टर बनाकर रिपोर्ट दें।

जो मामले कोर्ट में विचाराधीन है, उनमें यथा स्थिति बनाये रखें। यूपी-हरियाणा सीमा पर स्थित भूूमि पर कानूनगो एवं पटवारी द्वारा पुलिस फोर्स को साथ लेकर जल्द ही भूमि की पैमाइश कर पिलर लगवाएं। इसके लिए हल्का लेखपाल से जल्दी ही रिपोर्ट बनाकर देने को कहा। उन्होंने कहा कि जल्द ही  हरियाणा सरकार से हस्तक्षेप कर मामले का निस्तारण कराया जाएगा। 

अब तो आपकी सरकार है, करा दो समाधान 
शामली। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद को लेकर मवी गांव के किसानों ने गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा को ज्ञापन सौंपा। कहा कि अब हरियाणा, यूपी और केंद्र में भाजपा की सरकार है, लिहाजा कई दशक से चल रहे इस विवाद का समाधान कराया जाएं। 

यूपी-हरियाणा सीमा विवाद के चलते दोनों राज्यों के किसान फिर से आमने- सामने है। शनिवार को कैराना क्षेत्र के मवी गांव के दर्जनों किसानों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि कई दशकों से हरियाणा- यूपी के किसानों के बीच सीमा विवाद चल रहा है। अधिकारियों की  शिथिलता के चलते इसका समाधान नहीं निकल रहा। हरियाणा के भूमाफियाओं ने 2350 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। सीमा विवाद का यह मामला सुलझने के बजाए उलझता ही जा रहा है। आरोप है कि यूपी के किसानों को डरा धमकाया जा रहा है। 

किसानों ने कहा कि दोनों प्रदेशों और केंद्र में भी भाजपा का शासन है। पूर्व में इस विवाद के समाधान के लिए दीक्षित आयोग का गठन किया गया था और पिलर भी लगाए गए थे, लेकिन समाधान नहीं हुआ था। अब भाजपा को हजारों किसानों के हित में इसका समाधान करना चाहिए। राज्यमंत्री सुरेश राणा ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह इस     मामले में अधिकारियों से वार्ता करेंगे और समाधान का रास्ता निकाला जाएगा। 
इस दौरान ऋषिपाल सिंह, सुशील कुमार, रमेश चंद, रामकिशन, रामवीर सिंह, जयकुमार, यूसुफ, मित्र सैन, अमित कुमार, मिंटू, सेठपाल, गोपाल और विश्वास कुमार आदि मौजूद  रहे।
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