झिंझाना। यमुना के खादर में जबरन फसल काटने का विरोध करने पर गांव बल्हेडा के किसान की हत्या के मामले में हरियाणा के 17 लोग नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया। दो तमंचे, कारतूस, दो ट्रैक्टर ट्राली के अलावा दस मोटर साइकिलें बरामद की गई हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया।
सोमवार को झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव बल्हेड़ा निवासी किसान राजेश, सुभाष, कृष्ण और गय्यूर यमुना खादर में अपने खेतों पर जा रहे थे। इसी दौरान गेहूं की फसल जबरन काटने का विरोध करने पर हरियाणा के किसानों ने यूपी के किसानों पर हमला कर दिया था। हरियाणा के किसान की तरफ से की गई फायरिंग में राजेश की मौत हो गई थी, जबकि सुभाष गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना पर पहुंची झिंझाना और कैराना थाना पुलिस ने हरियाणा के किसानों को दौड़ा लिया था।
साथ ही हरियाणा के कई किसानों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। वहीं, इसके अलावा झिंझाना थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि राजेश के चाचा सुरेश निवासी गांव बल्हेडा की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर हरियाणा के 17 किसानों को नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और बलवा की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नामजद आरोपियों में से इमरान और इरफान निवासी राणा माजरा थाना सनोली जिला पानीपत तथा खालिद निवासी गांव बराला थाना कैराना को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से दो तमंचे, कारतूस, दस मोटर साइकिलों के अलावा दो ट्रैक्टर ट्राली बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार दोपहर न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया। बताया कि फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास चल रहा है।
नामजद आरोपी
गांव रिसालू (पानीपत) निवासी सुभाष पुत्र लहणा, विकास पुत्र सुभाष, गांव राणा माजरा (सनौली) निवासी इमरान पुत्र अली हसन, नवाब पुत्र यामीन, इरफान पुत्र यामीन व जिंदा पुत्र नूरा, गांव बल्हेडा (घरौंडा) निवासी साका पुत्र साहबू , काला पुत्र जावल, माना पुत्र मुंशी, जावल पुत्र अबरा और शफाकत पुत्र कामिल, गांव फतेहपुर (झिंझाना) निवासी साजिद पुत्र ईशा मोहम्मद, साजिद पुत्र सलामुद्दीन, गांव मुंडोगढ़ी (घरौंडा) निवासी अलमा पुत्र बशीरू, वाजिद पुत्र सलामुद्दीन निवासी करनाल और गांव बराला (कैराना) निवासी खालिद पुत्र अनवर।
शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम
झिंझाना। किसान राजेश का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को गांव बल्हेडा में पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का दाह संस्कार करने से मना कर दिया और राजस्व अधिकारी पर आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही के कारण ही राजेश की हत्या हो गई। परिजनों का कहना था कि एक सप्ताह से राजस्व विभाग के अधिकारी से शिकायत कर हरियाणा के किसानों से अपनी जान का खतरा जता रहे थे। सुरक्षा की मांग कर रहे थे, क्योंकि फसल पककर तैयार हो गई थी और फसल काटने के दौरान हरियाणा के किसानों द्वारा हमला किए जाने की आशंका थी। मगर, उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। वहीं, मौके पर पहुंचे एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद मृतक किसान का अंतिम संस्कार किया जा सका।