कांधला। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राम बाग में दो बदमाश खुद को पुलिस वाला बता कर सोमवार की रात लांक गांव निवासी एक दंगा पीड़ित के मकान घुस गए। मकान मालिक के दस वर्षीय भतीजे को गन प्वाइंट पर लेकर परिवार की महिलाओं को बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाश 26 हजार रुपये की नगदी, जेवरात लूट कर सभी परिजनों को एक कमरे में बंद कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया। वारदात से परिवार की महिलाओं में दहशत है।
मुजफ्फरनगर में हुए सांप्रदायिक दंगे के पीड़ित गांव लांक निवासी नईम और उसके परिवार के लोग छह माह से कस्बे के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राम बाग में मकान बनाकर रह रहे हैं। कुछ दिन पूर्व नईम और उसके तीन भाई दिल्ली की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने के लिए चले गए थे। घर में मां सलमा, नईम की पत्नी यासमीन, उसका दस वर्षीय भतीजा मोहिन और बहन नईमा ही रह रही हैं।
परिजनों के मुताबिक सोमवार की रात मोईन घर के बाहर बने बकरियों के कमरे में सोया हुआ था, जबकि तीनों महिलाएं मकान के अंदर सो रही थी। रात करीब दस बजे दो सशस्त्र बदमाश बकरियों के कमरे में घुस गए और मोईन को गन प्वाइंट पर लेकर मकान का दरवाजा खटखटाया।
महिलाओं ने कारण पूछा तो बदमाशों ने खुद को पुलिस वाले बताते हुए फरार हुए एक युवक को तलाश करने की बात कही। पुलिस का नाम सुनने के बाद महिलाओं ने दरवाजे खोल दिए। दरवाजा खुलते ही बदमाश अंदर घुस गए और महिलाओं की बंधक बना लिया।
इसके बाद बदमाशों ने मकान से 25 हजार रुपये, दो जोड़ी सोने के कुंडल समेत तीन तोले सोना और 600 ग्राम चांदी लूट ली। पूरे परिवार को एक कमरे में बंद कर फरार हो गए। सुबह के समय किसी तरह परिवार के लोगों ने बंधन मुक्त होने के बाद नईम और पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना नईम भी दोपहर को घर आ गया। इस वारदात से परिवार की महिलाओं में दहशत है।
उधर, थाना प्रभारी नरेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुुंचे और मौका मुआयना किया। बताया कि नईम ने थाने में तहरीर दी है। जांच पड़ताल करने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।