कैराना। प्रशासनिक कर्मचारी के साथ हुई लूटपाट की वारदात की रिपोर्ट लिखाने तहसीलदार कोतवाली पहुंच गए। उनके सामने भी पुलिस का ढर्रा पुराना ही निकला। कोतवाली पुलिस ने मामला झिंझाना क्षेत्र का बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। बाद में तहसीलदार ने पीड़ित अमीन व चपरासी को झिंझाना थाने भेजा।
दरअसल, शनिवार को राजस्व अमीन श्यामपाल सिंह अपने चपरासी सुरेश चंद के साथ बाइक से हरियाणा सीमा से सटे गांव पठेड़ से वसूली कर लौट रहे थे। यहां से वह झिंझाना क्षेत्र के गांव बलहेड़ा जा रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार तीन हथियार बंद बदमाशों ने तमंचों के बल पर उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि बदमाशों ने मारपीट करते हुए अमीन श्यामपाल से छह हजार, मोबाइल तथा चपरासी सुरेश चंद से दो हजार रुपये व मोबाइल लूट कर फरार हो गये।
बाद में अमीन द्वारा सूचना देने पर तहसीलदार अभयराज पांडेय कैराना कोतवाली पहुंचे तथा मामले की तहरीर दी। जिसके बाद हलका दरोगा ने घटना स्थल पर जाकर जांच की, तो उन्होंने मामला झिंझाना क्षेत्र का बताया। जहां मामला झिंझाना क्षेत्र का निकला।
कोतवाली प्रभारी एमएस गिल का कहना है कि घटनास्थल झिंझाना थाने का होने के कारण मामला वहां भेजा गया है। तहसीलदार अभयराज पांडेय ने बताया कि अब यदि झिंझाना पुलिस ने मामला कैराना का बताते हुए वापस भेजा, तो आलाधिकारियों की इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।