कैराना (शामली) क्षेत्र के गांव जंधेड़ी में स्थित घर की खिड़की जहां से साबिर कूदकर भागा था।
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शामली के मुकीम गैंग का सबसे शातिर बदमाश साबिर जंधेड़ी दोनों हाथों से गोलियां चलाने में माहिर था। मंगलवार रात भी उसने एक हाथ से कारबाइन और दूसरे हाथ में पिस्टल से पुलिस टीम पर गोलियां बरसाईं। बावजूद इसके पुलिस की मजबूत घेराबंदी के सामने साबिर का दुस्साहस टिक नहीं पाया और मुठभेड़ में मारा गया।
वह मकान की ऊपरी मंजिल वाले कमरे में ही ठहरता था, जहां से दूर तक आने जाने वाले आसानी से दिखाई दें। मंगलवार रात भी गांव जंधेड़ी में जब वह अपने परिवार से मिलने पहुंचा उसने ऐसा ही किया। मकान के ऊपरी कमरे की पिछली दीवार पर खिड़की में जाली तक नहीं लगी थी, ताकि घेराबंदी होने पर वह खिड़की के रास्ते आसानी से निकल सके। लेकिन सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे घेर लिया था। इस दौरान साबिर ने एक हाथ में कारबाइन तो दूसरे हाथ में पिस्टल लेकर से फायरिंग की। मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे से साबिर तब तक गोलियां बरसाता रहा, जब तक कि मैगजीन खाली नहीं हो गई। इसी तरह वह पिस्टल से भी गोलियां दागता रहा था। वहीं, जब मैगजीन खाली हो गई, तो उसने कमरे की पिछली तरफ खिड़की से कूदकर भागने की कोशिश भी की, लेकिन वहां दीवार पर कांच लगे हुए थे और वह भाग नहीं पाया।
एसपी अजय शर्मा ने बताया कि साबिर हमेशा दो असलहे साथ रखता था। उसने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर पुलिस टीम पर गोलियां गोलियां बरसाते हुए साबिर औेर उसके साथी छत से कब्रिस्तान की ओर कूदकर भागने लगे तो नीचे खड़ी टीम ने भी फायरिंग खोल दी। बदमाश और पुलिस टीम में आमने सामने की मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में साबिर मारा गया। उसे भी कई गोलियां लगी हैं। उसके साथी वहां से भाग गए।
मुठभेड़ में शामिल रही तीन टीमें
शामली/कैराना। सटीक सूचना मिलने पर एसपी ने साबिर जंधेड़ी की घेराबंदी के लिए तीन टीमें गठित की थीं। इनमें शामली, कैराना और झिंझाना थाना पुलिस के अलावा स्वॉट टीम को बुलाया गया था। मुठभेड़ की रिपोर्ट भी एसपी की तरफ से ही दर्ज कराई गई है।
एसपी डॉ को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि साबिर अपने गांव जंधेड़ी में आया हुआ है। इस पर उन्होंने बदमाशों की घेराबंदी करने के लिए तीन टीमों का गठन किया। उसमें एसओ थाना आदर्श मंडी राजकुमार शर्मा, एसआई रविंद्र कुमार, एसआई सुनील कुमार, कांस्टेबल सचिन, चालक प्रेम सिंह, शामली कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम, स्वॉट प्रभारी धर्मेंद्र पंवार, एचसीपी दुर्वेश डबास, कांस्टेबल नितिन मलिक, कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल अंकुश गोदरा और आशीष कुमार, थानाध्यक्ष झिंझाना संदीप बालियान, कांस्टेबल शहजाद, कांस्टेबल सोनू, कांस्टेबल गौरव राणा और कैराना कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह, एसएसआई सुनील दत्त, कांस्टेबल अंकित तोमर, कांस्टेबल विकास चपराणा, कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल मोनू कुुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे। इसके बाद एसपी की मौजूदगी में ही साबिर जंधेड़ी और उसके साथियों की घेराबंदी हुई। मुठभेड़ के दौरान साबिर मारा गया, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। मामले में एसपी अजयपाल शर्मा की तहरीर पर ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें दो बदमाश फरार होने बताए गए हैं।
मौके से बरामद हुए हथियार
जंधेड़ी गांव में मुठभेड़ के दौरान पुलिस को मौके से एक कारबाइन 9 एमएम, 55 कारतूस 9 एमएम, पिस्टल 30 बोर और 12 कारतूस बरामद हुए।
फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम ने की जांच
मुठभेड़ के बाद बुधवार को मुजफ्फरनगर से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी जंधेड़ी गांव में छानबीन करने पहुंची। हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल से खून के अलावा मिट्टी और अन्य साक्ष्य जुटाए। साथ ही घटनास्थल पर मिले अन्य सामानों की भी जांच की गई। करीब डेढ़ घंटे तक जांच करने के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम मुजफ्फरनगर लौट गई।