शामली/कैराना। चौसाना के कमालपुर में होमगार्ड को गोली मार रायफल लूटने के मामले की विवेचना एटीएस को ट्रांसफर हो गई है। माना जा रहा है कि पटियाला में पकड़े गए इस केस सेे जुड़े जर्मन सिंह से पूछताछ के दौरान एनआईए टीम को मिली अहम जानकारियों के बाद ही ये मामला एटीएस को सौंपा गया है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस को जानकारी मिल गई है।
दो अक्तूबर को रायफल लूट मामले की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई थी। ये मामला खालिस्तान समर्थकों से जुड़ गया था। इस घटना का सूत्रधार जर्मन सिंह था, जिसे पिछले पंजाब पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से पकड़ा था। पूछताछ के बाद चला था कि पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की रैली में अराजकता फैलाने की साजिश थी। देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने की वजह से एटीएस और एनआईए सहित कई एजेंसियां इसकी जांच में लग गई थी।
पकड़े गए आरोपियों से एटीएस और एनआईए ने भी पूछताछ की थी। एनआईए और सहारनपुर एटीएस ने पटियाला जाकर इस घटना के सूत्रधार माने जा रहे जर्मन ने भी पूछताछ की थी, तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि ये जांच उच्च स्तरीय एजेंसी को ट्रांसफर हो सकती है। सीओ कैराना राजेश कुमार तिवारी के अनुसार इस केस की विवेचना एटीएस लखनऊ को ट्रांसफर हो गई है। इस संबंध में एटीएस अधिकारियों से वार्ता हुई है। एक दो दिन में केस संबंधी पत्रावली एटीएस के हैंड ओवर कर दी जाएगी। सीओ ने बताया कि एनआईए और एटीएस को जर्मन सिंह से लंबी पूछताछ के बाद ही अहम जानकारियां मिली होंगी।
ये था मामला
झिंझाना थानाक्षेत्र के चौसाना-बिड़ौली मार्ग पर दो अक्तूबर को एक सिपाही और होमगार्ड पर हमला कर उससे इंसास और थ्री नॉट थ्री रायफल रायफल लूट लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने 14 अक्तूबर को मुठभेड़ के बाद झिंझाना के रंगाना फार्म निवासी ग्रंथी करम सिंह को भी गिरफ्तार किया था। गुरुजेंट सिंह, निवासी धलावली गंगोह सहारनपुर, अमरीत उर्फ अमृत सिंह, निवासी करनाल को गिरफ्तार किया था। जबकि सरगना जर्मन सिंह और करमा फरार हो गए थे । कुछ दिन पूर्व शामली पुलिस ने करमा और पंजाब पुलिस ने राजस्थान की बीकानेर से जर्मन को गिरफ्तार किया था। करमा से पुलिस ने पूछताछ के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया।