शामली में झिंझाना थाना क्षेत्र में बिड़ौली चौकी के पास बाइक सवार बदमाशों ने पीछा कर रहे युवक अजय कुमार उर्फ नीटू की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है।
पहले बदमाशों ने नीटू के एक साथी को लूूटपाट के इरादे से रोकने का प्रयास किया था, जिसकी सूचना देने ये पुलिस चौकी पर गए थे। इसी बीच बदमाश पुलिस चौकी के सामने से गुजरे, लेकिन पुलिस पीछे हट गई और उसने बदमाशों का पीछा नहीं किया। नीटू और उसके साथी साहस दिखाते हुए बदमाशों के पीछे दौड़ पड़े। पुलिस के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश है।
अजय कुमार उर्फ नीटू (32) पुत्र ओमपाल सिंह मूलरूप से गांव टिटौली का रहने वाला था। हाल फिलहाल उसका परिवार गांव मन्नूगढ़ में रह रहा है। इनके परिवार का गोविंद शुक्रवार रात करीब सवा नौ बजे बाइक से चौसाना से गांव मन्नूगढ़ लौट रहा था।
खोड़समा गांव से निकलने के बाद बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोकना चाहा, लेकिन उसने बाइक दौड़ा दी और बिडौली पुलिस चौकी पर पहुंच गया। उसकी सूचना पर नीटू और अन्य ग्रामीण भी बिड़ौली चौकी पर पहुंच गए। इसी दौरान बाइक सवार बदमाश चौकी के सामने से गुजरे। पुलिस ने इन्हें तो बदमाशों के पीछे भेज दिया लेकिन खुद पीछे हट गई।
सकौती गांव के मोड़ के पास बदमाशों ने गोविंद और नीटू की बाइक रुकवा ली। इनकी बाइक की चाबी छीनने की कोशिश की। इसी दौरान एक बदमाश ने तमंचे से फायरिंग कर दी और फरार हो गए।
एक गोली नीटू के सीने में लगी और वह गिर पड़ा। लहूलुहान हालत में उसे शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। झिंझाना थानाध्यक्ष भगवत सिंह का कहना है कि घटना की जांच के साथ ही बदमाशों की खोजबीन कराई जा रही है।
वसूली में लगी रही चौकी की पुलिस
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बदमाशों की बाइक पकड़ने को कहा गया, लेकिन वह वाहनों को रोकने में लगे रहे, बदमाशों को पकड़ने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी वसूली में लगे हुए थे।
परिवार में मचा कोहराम
अजय उर्फ नीटू की हत्या की सूचना के बाद उसके परिजन भी शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गए। उसकी मां तथा बहन का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि अजय अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। उसकी बहन अपने भाई की मौत के सदमे में बार बार बिलखती रही और बदहवास हो गई। परिवार के लोग उन्हें किसी तरह संभालने में लगे रहे।