शामली। पाकिस्तान से पिस्टल मंगाने का प्लान दिल्ली में तैयार किया गया। स्टील के कंटेनरों में छिपाकर लाई गई पिस्टलें दिल्ली में ही किसी युवक को सौंपी जानी थीं। पुलिस और खुफिया विभाग यही जानकारी करने में लगा है कि इस्माइल का संपर्क किस किससे रहा।
शामली के उस शख्स के बारे में भी जानकारी की जा रही है, जिसने दिल्ली वाले युवक से इस्माइल का संपर्क कराया था। फिलहाल शामली निवासी उस युवक का नाम इस्माइल के बेटे नसीम ने साजिद बताया है, मगर पुलिस और खुफिया विभाग को अंदेशा है कि वह साजिद नहीं, बल्कि राशिद हो सकता है।
राशिद पूर्व में भी पाकिस्तान से आने वाले यात्रियों के जरिये पिस्टल मंगा चुका है। गौरतलब है कि कांधला क्षेत्र के गांव गंगेरु निवासी इस्माइल और उसके परिवार के लोग पाकिस्तान के जंग शहर में अपने मामा के यहां शादी समारोह में हिस्सा लेने 21 अप्रैल को गए थे। वहां से लौटते वक्त पाकिस्तान के एक युवक ने इस्माइल को स्टील के चार कंटेनर दिए थे।
अटारी बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान उनमें से चार पिस्टल और सात मैगजीन बरामद हुई। पुलिस ने पूछताछ के बाद महिलाओं को तो छोड़ दिया, लेकिन इस्माइल को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की सूचना पर शामली पुलिस और खुफिया विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया। एसपी के आदेश पर पुलिसकर्मियों की तीन सदस्यीय टीम को इस्माइल से पूछताछ करने के लिए अमृतसर (अटारी बार्डर) भेजा गया।
अभी वह टीम लौटी नहीं है। पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने बताया कि इस्माइल से पूछताछ होने के बाद ही पता चल सकेगा कि शामली के किस युवक ने उससे पाकिस्तान से सामान मंगाने को कहा और दिल्ली में उसकी किससे मुलाकात कराई गई।
कांधला से जुड़ी हैं गहरी जड़ें
वर्ष 2000 में बुढ़ाना थाना क्षेत्र के गांव जौला से आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर वारस उर्फ राजा पुत्र फिरोजूदीन निवासी बरकतपुर थाना सदर जिला गुजरावाला को गिरफ्तार किया था। उसने अपने साथियों के नाम गय्यूर पुत्र रशीद निवासी जौला, मुस्तकीम पुत्र मलीदुल्ला निवासी करनावल थाना सरुरपुर खुर्द तथा सरदार अली पुत्र अब्दुल रजाक निवासी कांधला बताए थे।
गय्यूर और मुस्तकीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सरदार अली ने मई 2000 में कोर्ट में सरेंडर किया था। वही, कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी तोता भी कई वर्षों पूर्व पाकिस्तान से हथियार लाता हुआ अटारी बॉर्डर पर पकड़ा गया था।
फैमीदा की सरपरस्ती में तस्करों का नेटवर्क
शामली। फैमीदा उर्फ लतीफन उर्फ हामिदा। यह वो नाम है, जो पिस्टल सप्लायरों के नेटवर्क को सरपरस्ती दे रही है। फैमीदा मूलरूप से कैराना की रहने वाली है, लेकिन काफी समय तक वह पाकिस्तान में रही। फिर 2007 में वह फर्जी पासपोर्ट से कैराना आई, तो उसे विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उसे पाकिस्तान भेज दिया था।
सूत्रों की मानें, तो फैमीदा फिर से नाम बदलकर और फर्जी पासपोर्ट के जरिये हिंदुस्तान में घुस आई है। आशंका है कि फैमीदा दिल्ली में है, जिसके जरिये किसी युवक ने गंगेरू के इस्माइल से संपर्क बनाया। इसके बाद ही पाकिस्तान से पिस्टल मंगाई गई थीं। अब खुफिया एजेंसियां फैमीदा के बारे में भी जानकारी करने में लगी हुई हैं।
वहीं, यह भी पता चला है कि शामली का राशिद फैमीदा का दामाद है, जो पूर्व में पिस्टलों के पार्ट्स मंगाने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। राशिद भी जमानत कराकर जेल से बाहर आ चुका है। हो सकता है कि फैमीदा और राशिद ने मिलकर ही फिर से पाकिस्तान से हथियार मंगाने का नया नेटवर्क खड़ा कर दिया है।