फर्जी कंपनियां के नाम के यूनियन बैंक में खाते खुलवाकर तीन लोगों ने यूटी प्रशासन के खाते से चार करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए और बाद में चेक के जरिए 12 लाख रुपये निकाल लिए। लेकिन जब उसी दिन 32 लाख रुपये का एक और चेक लगाया तो बैंक कर्मचारियों ने अगलेे दिन पेमेंट लेने के लिए बुलाया। इसके बाद पुलिस ने शनिवार को पैसे लेने आए दो लोगों को बैंक परिसर से दबोच लिया जबकि तीसरे को उनकी निशानदेही के बाद गिरफ्तार किया गया। आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपियों से 10.5 लाख रुपये भी बरामद कर लिया है।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान जीरकपुर निवासी अजय कुमार (28) , समुंदर सिंह (32) और मनीमाजरा के प्रेम शर्मा (30) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पांच मई (वीरवार) की शाम को मनीमाजरा निवासी प्रेम ने यूटी प्रशासन के अकाउंट ब्रांच का पासवर्ड व मेल आईडी पता कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर दो फर्जी कंपनियों के खातों में दो-दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शाम को अकाउंट विभाग के कर्मचारियों की निगाह उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। बाद में जांच में पाया गया कि दो करोड़ का ट्रांजेक्शन खाते में नहीं हो पाया था जबकि यूनियन बैंक के एक खाते में दो करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे। बैंक अधिकारियों ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। इसके बाद ईओडब्ल्यू को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अधिकारी ने बताया कि ईओडब्ल्यू ने उस अकाउंट की जांच शुरू की जिसमें रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पता चला कि उस खाते से शुक्रवार को चेक के माध्यम से 12 लाख रुपये निकाल लिए गए । बैंक कर्मचारियों ने बताया कि 32 लाख रुपये का चेक लगाया गया तो उनको भी शक हुआ था। इसके बाद उन्होंने शनिवार सुबह पेमेंट लेने के लिए बुलाया था।