शामली। झिंझाना क्षेत्र के दो लोगों पर धोखाधड़ी कर एक ही जमीन पर कई बैंक से ऋण लेने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में कार्पोरेशन बैंक शाखा प्रबंधक को भी आरोपी बनाया गया है। शामली कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शहर के मोहल्ला काकानगर निवासी अंशुल पुत्र सुरेंद्र सिंह ने मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, जिसकी जांच सीओ सिटी उपेंद्र यादव ने की। जांच में उन्होंने अंशुल के साथ ही आरोपी प्रताप तथा बैंक शाखा के सहायक प्रबंधक सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए। जांच होने पर सीओ सिटी ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की संस्तुति की, जिस पर बृहस्पतिवार को अंशुल की तरफ से शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
उसमें अंशुल ने बताया कि झिंझाना क्षेत्र के गांव चोंदाहेडी निवासी प्रताप और उसके पिता निरंजन से 10 बीघा भूमि का एग्रीमेंट कराया था। आरोप है कि उक्त जमीन पर विपक्षी ने ऊंचा गांव स्थित केनरा बैंक शाखा से 12 लाख 50 हजार रुपये ऋण ले लिया, जिसकी जानकारी होने पर झिंझाना थाने में आरोपियों के खिलाफ पूर्व में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने शामली तहसील कर्मियों से मिलीभगत करके खतौनी में केनरा बैंक ऊंचा गांव की जगह पीएनबी झिंझाना दर्ज करा दिया तथा जमीन को भार मुक्त करा लिया। इसके बाद पंजाब एंड सिंध बैंक शामली से भी साढ़े सात लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर लिया। इस संबंध में शामली तहसील के कर्मी, पीएनबी झिंझाना और पंजाब एंड सिंध बैंक शामली के कर्मचारियों सहित दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत के आदेश पर 156(3) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई,
जो मामला जिला जज मुजफ्फरनगर की अदालत में विचाराधीन है।
अंशुल ने बताया कि आरोपी प्रताप और निरंजन ने एक बार फिर इसी जमीन पर फर्जी तरीके से कार्पोरेशन बैंक शाखा चूनसा से 14 लाख 50 हजार रुपये का ऋण ले लिया तथा पीड़ित की जमीन को बैंक के हक में मोरगेज कर दिया। कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया ने बताया कि अंशुल पुत्र सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी प्रताप और उसके पिता निरंजन तथा कार्पोरेशन बैंक शाखा चूनसा के प्रबंधक के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर धोखाधड़ी से ऋण लेने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।