शामली। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले के चीनी मिलों के प्रबंधकों की बैठक लेकर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। उन्होंने बकाया भुगतान न करने वाली बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल की आरसी जारी करने के निर्देश दिए है।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि शामली चीनी मिल पर 127.26 करोड़ रुपये, ऊन चीनी मिल पर 30.19 करोड़ रुपये, थानाभवन चीनी मिल पर 166.93 करोड़ रुपये समेत कुल 324.39 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बकाया भुगतान में देरी से करने पर चीनी मिलों के प्रबंधकों पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने कहा कि किसानों का भुगतान समय पर कराया जाना चाहिए। सरकार की मंशा है कि 14 दिन में किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान होना चाहिए। डीएम ने चीनी मिलों के प्रबंधकों से बकाया भुगतान कराए जाने की कार्ययोजना लिखित में दिए जाने के निर्देश दिए है। शामली- ऊन चीनी मिलों के प्रबंधकों ने आगामी दो दिन में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल के प्रबंधक किसानों के बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने की कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं कर पाए है।
इस पर डीएम ने डीसीओ डाक्टर अनिल भारती को थानाभवन चीनी मिल की आरसी जारी करने के निर्देश दिए है। बैठक में शामली चीनी मिल के यूनिट हैड डाक्टर आरबी खोखर, गन्ना महाप्रबंधक आरएस सहरावत, थानाभवन चीनी मिल से यूनिट हैड वीरपाल सिंह, गन्ना महाप्रबंधक जेबी तोमर, ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत, सहारनपुर मंडल के डिप्टी केन कमिश्नर सतेंद्र सिंह, डीसीओ डाक्टर अनिल भारती, शामली गन्ना सहकारी समिति के सचिव मुकेश राठी मौजूद रहे। डीसीओ डाक्टर डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि बजाज ग्रुप की थानाभवन चीनी मिल की आरसी जारी करने की शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
मिलों पर किसानों का 324.39 लाख रुपये बकाया
शामली। प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के गृह जनपद की चीनी मिल किसानों का गन्ना भुगतान करने में पिछड़ रही हैं। इस साल के गन्ना पेराई सत्र में जिले की तीनों मिलों पर 324.39 लाख रुपये किसानों का बकाया है। अकेले थानाभवन चीनी मिल पर किसानों का 166.93 लाख रुपये बकाया है। शासन के निर्देश पर मुजफ्फरनगर जिले की तितावी समेत आधा दर्जन चीनी मिल किसानों का बकाया भुगतान करने में अव्वल हैं। जबकि शामली में शामली, थानाभवन, ऊन चीनी मिल सरकार की मंशा के अनुरूप बकाया गन्ना मूल्य करने में असफल रही हैं। थानाभवन और ऊन चीनी मिल का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। शामली चीनी मिल का पेराई सत्र चल रहा है।
गन्ना विभाग के मुताबिक थानाभवन चीनी मिल किसानों की सबसे बड़ी कर्जदार है। इस चीनी मिल पर 166.93 लाख रुपये बकाया है। शामली चीनी मिल पर 127.26 लाख, ऊन चीनी मिल पर मात्र 30.19 लाख रुपये बाकी है। इसके अलावा किसानों का चीनी मिलों पर 14.96 लाख गन्ना ब्याज, गन्ना परिषद, गन्ना समितियों का 10.53 लाख रुपये कमीशन बकाया है। बुधवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले के सभी चीनी मिल प्रबंधकों की बैठक बुलाई गई थी। डीसीओ डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने कहा कि किसानों का बकाया भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।