कैराना कोतवाली में खड़ी सीबीआई टीम की गाड़ी।
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कैराना। सीबीआई की जांच स्थानीय पुलिस-प्रशासन का पीछा नहीं छोड़ रही है। शुक्रवार को कैराना पहुंची सीबीआई टीम ने कैराना कोतवाल से उनके ऑफिस में घंटों तक पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। शाम के समय टीम खनन संबंधी मुकदमों के दस्तावेज लेकर रवाना हो गई।
पिछले कई वर्षों से रेत खनन माफिया जेसीबी और पॉर्कलेन मशीनों से यमुना का सीना चीर रहे हैं। अवैध रेत खनन में स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से लेकर लखनऊ तक की संलिप्तता बताते हुए हाईकोर्ट में रिट दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी। पिछले महीने से रेत खनन की जांच करने के लिए सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने जिले में कई दिनों तक डेरा डाले रखा था। इस दौरान सीबीआई की टीम ने रेत खनन प्वाइंटों का निरीक्षण करने के साथ ही स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए थे।
रेत खनन के मामले में शुक्रवार को दिल्ली से सीबीआई के अधिकारी कैराना कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में सीबीआई के अधिकारियों ने कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया से बंद कमरे में वार्ता करते हुए रेत खनन के बारे में जानकारी एकत्र की। साथ ही सीबीआई के अधिकारी ने पिछले दो वर्षों के दौरान कोतवाली में दर्ज रेत खनन से जुड़े मुकदमों के बारे में भी जानकारी ली। कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया ने बताया कि सीबीआई के अधिकारी गोपनीय मामले की जांच करने के लिए कैराना कोतवाली आए थे।