शामली। रंजिश की आग अच्छे से अच्छे परिवार और मकान को जलाकर रख देती है। मुजफ्फरनगर में हुआ तिहरा हत्याकांड इसका प्रत्यक्ष गवाह है। शामली के मोहल्ला हाजीपुरा और आजाद चौक के लोगों में चल रही रंजिश भी कम खतरनाक नहीं है। इसमें भले ही पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ
मुकदमे दर्ज कर दिए हो, लेकिन यह बात भी है कि अब भी दोनों ही पक्ष अंदर ही अंदर सुलग रहे हैं।
मुजफ्फरनगर के खालापार में आपसी विवाद तथा बंटवारे की रंजिश को लेकर जो विवाद हुआ उसमें तीन लोगों की लाशें बिछ र्गइं। मुजफ्फरनगर के इस कांड से शामली पुलिस को भी सीख लेने की जरूरत है, क्योंकि दस दिनों से नगर के मोहल्ला आजाद चौक, हाजीपुरा में लगातार हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की घटनाएं वहां के हालत को बयान करने के काफी हैं।
हाजीपुरा और आजाद चौक के एक परिवार के बीच चल रही पुरानी रंजिश घाव जरा-जरा सी बात पर हरे हो जाते हैं। इसी के चलते दस दिन पूर्व फायरिंग हो गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया था, जबकि उसके अगले दिन ही दोनों परिवारों में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। शुक्र रहा कि फायरिंग की इन घटनाओं में कोई अनहोनी नहीं हुई। हालांकि मुकदमों और रंजिश की आग में तप रहे इन लोगों का गुुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है और दोनों ही रंजिश की तपिश में जल रहे हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से डेढ़ सेक्शन पीएसी की तैनाती की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। यहीं नहीं निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है। - निशांक शर्मा सीओ सिटी