शामली। गढ़ीपुख्ता थाना पुलिस की संवेदनहीनता का नमूना सामने आया है। एक महीना पूर्व दलित परिवार पर हमला किया गया था। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और पीड़ित को चक्कर कटवाती रही। अब पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
बुधवार को गांव कैल शिकारपुर निवासी प्रहलाद ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र दिया। बताया कि कुछ लोग उसे गांव से भगाना चाहते हैं। आरोप है कि गत नौ सितंबर को आरोपी पक्ष ने उसके परिवार पर हमला बोल दिया। उसके बेटे अमरेश को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि गांव छोड़कर नहीं गए, तो जिंदा नहीं बचोगे। गढ़ीपुख्ता थाना पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पुलिस अधीक्षक ने गढ़ीपुख्ता थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए। उधर, कैराना कस्बा के मोहल्ला छड़ियान निवासी दिलशाद ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर कहा कि 22 मई को उसके पुत्र कामिल और कार चालक समीर का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। अपहरण के बाद उससे दस लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। बाद में एक लाख रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया था।
दिलशाद का कहना है कि पुलिस ने उस मामले में आरोपियों के खिलाफ रंगदारी की धारा तो लगाई, लेकिन अपहरण की धारा नहीं लगाई। उसकी मांग है कि आरोपियों के खिलाफ अपहरण की धारा में भी कार्रवाई कराई जाए।