कांधला। थाना क्षेत्र के गांव भारसी के जंगल से अवैध मिट्टी खनन और यमुना नदी किनारे गांव इस्सोपुर टील से रेत खनन का अवैध कारोबार जोरों पर शुरू हो गया है। खनन को लेकर कई बार फायरिंग हो चुकी है, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस अनजान बनी हुई है।
पिछले कई दिनों से थाना क्षेत्र के गांव भारसी से अवैध मिट्टी खनन और इस्सोपुरटील यमुना नदी से रेत खनन चल रहा है। जेबीसी और पोर्कलेन मशीनों के माध्यम से अवैध खनन किया जाता है। डंपर और ट्रैक्टर ट्रॉलियों से मिट्टी और रेत की ढुलाई की जा रही है। थाने के सामने से भी मिट्टी और रेत से लदे वाहन गुजरते हैं। ग्रामीणों के अनुसार खनन क्षेत्र में स्वामित्व को लेकर कई खनन माफिया में आमने सामने की गोलीबारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे हुए है।
लगातार खनन होने से जहां उपजाऊ भूमि नष्ट हाे रही है। वहीं यमुना में गहरे गड्ढे हो रहे हैं। जो बरसात में बाढ़ का कारण तो बनते ही हैं, साथ ही उनमें डूबकर कई लोगों की मौत हो चुकी है। मामले में सीओ कैराना भूषण वर्मा का कहना है कि उन्हें खनन के मामले में कोई जानकारी नहीं है अगर क्षेत्र में खनन हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
खनन माफिया में मचा हड़कंप
शामली। पुलिस की शह पर चल रहे क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के मामले में खनन कराने वालों में हड़कंप मच गया और सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। सूत्रों की माने तो सोमवार को खनन करने वाले कुछ लोगों ने कोतवाल से बंद कमरे में गुफ्तगू की।
मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शामली कोतवाली क्षेत्र के झाल एवं कुड़ाना सहित कई जगहों पर अवैध खनन चल रहा है। इससे सरकारी राजस्व को बड़ी चपत लग रही है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों को तो परेशानी है ही साथ ही पर्यावरण को भी खतर पैदा हो रहा है। उधर, पूरे प्रकरण में शामली कोतवाली पुलिस की सांठ-गांठ है, जिसके चलते माफिया पर कोई कार्रवाई भी पुलिस नहीं कर रही है।
सोमवार को अमर उजाला में अवैैध मिट्टी खनन की खबर छपते ही खनन माफिया में हड़कंप मच गया और सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। सूत्रों के अनुसार सोमवार को खनन माफिया ने कोतवाल से बंद कमरे में मुलाकात की। हालांकि सोमवार को भी पुलिस का रुख इस अवैध खनन को बंद करने की ओर नहीं रहा। कोतवाली पुलिस ने इस तरह की जानकारी से इंकार किया है।