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चंदेनामाल में पकड़ी गई शराब बनाने की अवैध फैक्ट्री

Tue, 14 Aug 2018 11:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
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demo - फोटो : demo
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शामली के गांव चंदेनामाल में पुलिस और आबकारी टीम ने छापामारी कर शराब बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से बड़ी मात्रा में देशी, अंग्रेजी और कच्ची शराब के अलावा रेक्टीफाइड, खाली पव्वे और बोतलें, देशी शराब के मार्का के रेपर सहित अन्य सामान भी बरामद हुआ। पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि शराब को पैकिंग करके बाजार में बेचा जा रहा था।
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जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव चंदेनामाल में किसी व्यक्ति ने अपने घेर में शराब बनाने की अवैध फैक्ट्री लगा रखी है। इस पर उन्होंने थानाभवन थाना पुलिस को साथ लेकर मंगलवार की सुबह गांव चंदेनामाल गांव में बताए गए घेर में छापामारा। घेर के अंदर के हालात देखकर टीम दंग रह गई। घेर में शराब बनाने का सामान बिखरा पड़ा था। कहीं पर खाली पव्वे बोरी में भरे थे तो कई केनों में रेक्टीफाइड और कच्ची शराब भरी हुई थी। इसके अलावा तैयार की गई देशी और अंग्रेजी शराब भी मिली। पुलिस ने मौके से संजय पुत्र साहब सिंह निवासी चंदेनामाल को हिरासत में ले लिया। थानाभवन थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि मौके से 200 लीटर रेक्टीफाइड स्प्रिट, 850 पव्वा देशी शराब तोहफा,  960 पव्वे एवं 20 बोतल अंग्रेजी शराब, 10 लीटर कच्ची शराब, 2519 नकली क्यूआर कोड, 9270 खाली पव्वे, 899 नकली रेपर मार्का तोहफा,  894 सील ढक्कन, एक डिब्बा कलर (500 ग्राम),  एक डिब्बा रोज व्हाइट (मदिरा के निर्माण करने में उपयोगी),  दो कंघे, तीन सुएं और तीन टेप (सील लगाने में उपयोगी) बरामद हुए हैं। बताया कि आबकारी विभाग के निरीक्षक दिनेश्वर नाथ त्रिपाठी की तहरीर पर आरोपी संजय पुत्र साहब सिंह तथा एक अज्ञात के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 62/63 के अलावा धोखाधड़ी सहित कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अन्य आरोपी के बारे में जानकारी की जा रही है। उसे भी जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा।   


इस दौरान टीम में आबकारी निरीक्षक शोभित कुमार, आबकारी सिपाही मदनपाल, पंकज तोमर, मोहित कुमार, श्रीकांत सोम, सन्नी तोमर, उपनिरीक्षक थानाभवन आज्ञाराम, कांस्टेबल सुनील कुमार, लोकेश कुमार आदि शामिल रहे।  
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शहर से लेकर देहात तक खपाई जा रही थी शराब
गांव चंदेनामाल में शराब बनाने में रेेक्टीफाइड के अलावा व्हाइट रोज (केलेमर) का इस्तेमाल भी किया जा रहा था। शराब बनाने में एल्कोहल की निर्धारित मात्रा का ही प्रयोग किया जाता है, लेकिन अवैध रूप से बनाई जा रही शराब में मानक का कोई पैमाना नहीं होता है। शराब बनाने वाले माफिया इतने शातिर हैं कि उन्होंने अवैध रूप से बनाई गई शराब को तोहफा और अन्य ब्रांड के नाम से पैकिंग करके असली की तरह बेचना शुरू कर दिया था। गांव से लेकर शहर तक इसे असली बता कर खपाया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक यह शराब मिलीभगत कर कुछ सरकारी ठेकों पर भी खपाई जा रही थी। इस बारे में पुलिस और आबकारी अधिकारी जांच करने की बात कह रहे है।




किसके संरक्षण में चल रहा था खेल  
चंदेनामाल गांव में अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हो गया, लेकिन अब तक यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा था? यह भी बड़ा सवाल है। गौरतलब है कि जलालाबाद क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री काफी समय से चल रही है। वहीं, काफी दिन तक जलालाबाद क्षेत्र में आबकारी की शराब की दुकानों का आवंटन नहीं हुआ था, जिस कारण अवैध शराब की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही थी।
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