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जीआरपी थाना प्रकरण में अधिकारियों का मौन व्रत

Tue, 29 Dec 2015 12:44 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जीआरपी थाने के लॉकअप में युवकों के साथ बंद की गई युवती के मामले में स्थानीय स्तर पर अधिकारी चुप्पी साधे हैं,  डीआईजी रेलवे ने प्रकरण की जांच कराने की बात कही। जांच के बाद कई पुलिसकर्मियों की गर्दन इस मामले में फंस सकती है।

रविवार को सीट को लेकर हुआ विवाद में पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को थाने में ले आए। इस दौरान एक पक्ष के लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई कर दी। इससे गुस्साए पुलिसकर्मियों ने मानवाधिकार की सीमाएं लांघ दीं। यहां पुलिसकर्मियों ने युवती के साथ मारपीट की और उसे युवकों के साथ लॉकअप में डाल दिया। उस समय जीआरपी के एसपी मुरादाबाद वैभव कृष्ण ने इस तरह का कोई भी मामला न होने का दावा किया था।
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उन्होंने इसे केवल दो पक्षों में मारपीट की घटना बताते हुए पल्ला झाड़ लिया था। मामला अखबारों की सुर्खियों में आया, लेकिन स्थानीय अधिकारी मामले को दबाने में लगे हैं और इस पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।  जीआरपी के सीओ गाजियाबाद ओपी त्रिपाठी ने बताया कि मारपीट के मामले में समझौता हो गया था। युवती को लॉकअप में बंद करने की उन्हें जानकारी नहीं है। 
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स्थानीय स्तर पर भले ही अधिकारियों ने चुप्पी साध ली हो, लेकिन डीआईजी स्तर से इस प्रकरण की जांच हो सकती है। डीआईजी ने प्रकरण की जांच कराने की भी बात कही है। यदि पूरे प्रकरण की जांच होगी, तो कई पुलिसकर्मियों की गर्दन फंसने की संभावना है।

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