कांधला। मानसिक रूप से बीमार युवक को उसकी मां ने दवाई लेने को क्या कहा, बेटे के सिर खून सवार हो गया। पहले उसने कैंची से प्रहार करके अपनी मां की हत्या कर दी, फिर अपने पेट में कैंची घोंपकर खुदकुशी कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गांव में मातम पसरा हुआ है।
थाना कांधला क्षेत्र के गांव भारसी निवासी गुलशन का बेटा जॉनी (26 वर्षीय) काफी दिनों से मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। परिजनों के अनुसार जॉनी का उपचार लोनी के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था। सोमवार सुबह जॉनी का पिता गुलशन पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गया था। घर पर गुलशन की पत्नी कमलेश थी।
जॉनी की मां कमलेश ने उससे दवाई लेने के लिए कहा। जॉनी ने दवाई लेने से मना कर दिया तो कमलेश ने उस पर दवाई लेने का दबाव बनाया। इससे गुस्साए जॉनी ने घर में रखी कैंची उठाकर अपनी मां कमलेश पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। इससे कमलेश की मौके पर ही मौत हो गई।
शोर होने पर पड़ोस से जॉनी के चाचा वहां पहुंचे। तब तक जॉनी के हाथ में कैंची मौजूद थी। चाचा के सामने ही जॉनी ने उसी कैंची से अपनी गर्दन और शरीर पर करीब 18 से 20 वार कर दिए। इससे जॉनी की भी वहीं मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और जॉनी के पिता गुलशन को दी। सूचना मिलने पर सीओ कैराना भूषण वर्मा तथा कांधला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ने घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिए।
मंगलवार को उन दोनों के शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचे, तो परिवार में कोहराम मच गया। मामले में थाना प्रभारी साहब सिंह का कहना है कि जॉनी के पिता गुलशन ने वारदात को लेकर इत्तेफाकिया तहरीर दी है जिस पर कार्रवाई करते हुए दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।