शामली । कैराना में ब्लाक कार्यालय के बाहर हर्ष फायरिंग महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही का नतीजा है। चुनाव के पूर्व राज्य निर्वाचन आयोग ने जो गाइड लाइन जारी की थी, उसका भी पालन नहीं कराया जा सका था। तभी तो कैराना में अव्यवस्थाएं हावी रहीं और खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन चलता रहा।
दरअसल, पंचायत चुनाव के पूर्व ही राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू करते हुए शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने की हिदायत दी गई थी।
इसके बावजूद कैराना में ब्लाक कार्यालय के बाहर जिस तरह भीड़ इकट्ठा हुई। लाइसेंसी तथा अवैध हथियारों से फायरिंग की गई, उससे साफ है कि चुनाव आयोग के आदेशों का पालन कराने में किस कदर हीलाहवाली बरती गई।
कहने को चुनाव से पूर्व बार बार जिलाधिकारी और एसपी ने मीटिंग लीं और आयोग के आदेशों से अपने अधीनस्थों को अवगत कराया। मगर थाना और सर्किल स्तर पर उन आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया गया।