शामली के थानाभवन में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मायके वालों ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने नामजद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
मुजफ्फरनगर के मोहल्ला अम्बा विहार निवासी इस्लामिया इंटर कालेज के अध्यापक जब्बार हुसैन की पुत्री आयशा प्रवीन का निकाह 14 नवम्बर 2015 को थानाभवन के मोहल्ला छत्ता बंगला निवासी डाक्टर शाजान आसिफ पुत्र सगीरुद्दीन के साथ हुआ था। बुधवार रात करीब 10 बजे आयशा प्रवीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना उसके मायके वालों को दी गई।
जब्बार हुसैन परिजनों के साथ थानाभवन पहुंचे। कमरे में फांसी लगी घुटने के बल फर्श पर बैठी आयशा का शव देखकर बिलख पडे़। शोर शराबा होने पर मोहल्ले वाले भी इकठ्ठा हो गए। मृतका के ससुरालियों का कहना था आयशा ने अंदर से दरवाजा बंद करके खुद को फांसी लगा ली, जबकि आयशा के पिता ने हत्या का आरोप लगाया।
इसी कहासुनी में शाजान व उसके परिजनों ने आयशा के भाई नासिर के साथ मारपीट कर दी। इसी बीच सूचना पर थानाभवन पुलिस रात में ही मौके पर पहुंची। आयशा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आयशा के परिजनों का आरोप है ससुराल पक्ष स्विफ्ट डिजायर की मांग कर रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर आयशा का उत्पीड़न किया जा रहा था और अक्सर मारपीट की जाती थी।
आयशा के भाई नासिर हुसैन ने पति शाजान, ननद निशात, ससुर सगीरुद्दीन, भाई अमजद, आरिफ को नामजद करते हुए तहरीर दी। आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी बहन आयशा की फांसी लगाकर हत्या कर दी गई।
थानाध्यक्ष नरेश चौहान ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि ननद निशात मौके पर नहीं मिली।