बिजनौर में कमरे में खाने के इंतजार में बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में बेसिक शिक्षा विभाग की जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने आए बच्चों की विषाक्त भोजन से सेहत बिगड़ गई। तीन बच्चों को उल्टी, चक्कर आने लगे व पेट में दर्द होने लगे। शिक्षकों ने उनका उपचार कराया। उनकी हालत देखकर बाकी बच्चों ने भी खाना छोड़ दिया और खाने के पैकेट कमरे के बाहर रख दिए। रात करीब पौने नौ बजे तक बच्चे व शिक्षक खाने के इंतजार में भूखे ही बैठे थे।
शिक्षा विभाग की दो दिवसीय जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में हो रही है। प्रतियोगिता में भाग लेने आई टीमों को आसपास के प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों में ठहराया गया है। ब्लॉक नूरपुर के गांव औलियापुर के 21 छात्रों व 25 छात्राओं को पुलिस लाइन के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में ठहराया गया है। रात को करीब सवा आठ बजे बच्चों को खाने के पैकेट भेजे गए। पैकेट में पूरी, मिक्स सब्जी व बूंदी का एक लड्डू था। खाना खाते ही जूनियर हाईस्कूल औलियापुर के अरीब व जुबैर तथा प्राथमिक विद्यालय के संदीप की हालत खराब हो गई।
उनको उल्टी व चक्कर आने लगे तथा पेट में दर्द होने लगा। बच्चों की हालत देखकर शिक्षकों के होश उड़ गए। बाकी बच्चों ने भी खाना खाना छोड़ दिया। बच्चों ने खाने के पैकेट कमरे के बाहर रख दिए। शिक्षकों ने तुरंत ही तीनों बच्चों का उपचार कराया। बच्चों का कहना है कि दिन में एक बजे भी उनको यही खाना दिया गया था। खाने से बदबू आ रही थी। भूखे होने के कारण वे खाना खाना लगे थे। बच्चों के मुताबिक सुबह का खाना ही उनको शाम को ही दिया गया था, जो बासी था। समाचार लिखे जाने तक भूखे बच्चे व शिक्षक स्कूल में खाना आने का इंतजार कर रहे थे। बीएसए महेशचंद के मुताबिक एक एनजीओ द्वारा बच्चों को खाना उपलब्ध कराया गया था। बच्चों की तबीयत खराब होने का मामला संज्ञान में आ गया है। विभाग की टीम मौके पर भेज दी है। जांच कर एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।