झिंझाना। गांव मस्तगढ़ में पुश्तैनी मकान को लेकर चली आ रही रंजिश में पांच भाइयों ने चाचा के लड़के की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। हमले के दौरान बीच-बचाव करने आई युवक की मां और भाई को गंभीर घायल कर दिया।
बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे गांव मस्तगढ़ में भोजराज (25) अपने घर में बैठा हुआ था। आरोप है कि तभी उसके तहेरे भाई धारा, जीवन, जीत सिंह, शेर सिंह, राजेश हाथों में धारदार हथियार लेकर घर में घुस गए और उस पर हमला कर दिया। घायल भोजराज जान बचाने के लिये घर से बाहर भागा, मगर हमलावरों के चंगुल से छूट नहीं पाया। चीख-पुकार सुनकर बचाव में आये उसके बडे़ भाई भगत सिंह और मां गीता पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।
सूचना पर पुलिस पहुंची और घायलों को रात में ही झिंझाना सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मगर, भोजराज की मौत हो चुकी थी। उसकी बहन बबली ने बताया कि पुश्तैनी मकान को लेकर अपने खानदानी पांच भाइयों में रंजिश चली आ रही है। इसी मकान को लेकर हत्या की गई है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास करने की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। साथ ही गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पुलिस और चिकित्सक की लापरवाही
झिंझाना (ब्यूरो)। भोजराज के छोटे भाई बंशी ने बताया कि जैसे ही हमला हुआ परिजनों ने डायल 100 पर पुलिस को सूचना देनी चाही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद में झिंझाना थाने के नंबर पर सूचना दी गई। उधर घायलों को सीएचसी पर लाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक नहीं मिले। घंटो तक घायल सीएचसी के बाहर फर्श पर पड़े तड़पते रहे। काफी देर बाद आये वार्ड ब्वाय और फार्मेसिस्ट ने उन्हें शामली चिकित्सालय रेफर किया, जहां से उन्हें मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया।