शामली में आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में हुई कार्रवाई के संबंध में पुलिस ने केंद्रीय चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी है। उसमें कहा गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के 15 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से नौ मामलों में चार्जशीट संबंधित मजिस्ट्रेट की कोर्ट में भेज दी है, जबकि छह मामलों की विवेचना चल रही है। खास बात यह है कि प्रदेश सरकार में गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा के खिलाफ दर्ज विवादित बयान देने के मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट भेज दी है।
सुरेश राणा के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के जिस मामले में चार्जशीट दी गई है, उसमें उन्होंने कहा था कि सुरेश राणा चुनाव हार गया, तो देवबंद में जश्न मनेगा और यदि हमने मैदान मार लिया, तो देवबंद और रामपुर सहित कई जिलों में कर्फ्यू लग जाएगा। इस भड़काऊ बयान पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान जिले में कुल 15 मामले आचार संहिता उल्लंघन और विवादित भाषण देने संबंधी दर्ज हुए थे। इस बारे में पिछले दिनों केंद्रीय चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी थी कि आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की। विधानसभा चुनाव के दौरान शामली कोतवाली में शामली विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी मनीष चौहान, रालोद प्रत्याशी बिजेंद्र मलिक सहित तीन के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ था।
सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज
बीजेपी
कांधला थाने में बसपा प्रत्याशी मोहम्मद इस्लाम, सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ था। वहीं, बाबरी थाने में रालोद प्रत्याशी जावेद राव, भाजपा प्रत्याशी रहे सुरेश राणा और शामली सीट से रालोद प्रत्याशी बिजेंद्र मलिक के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
थानाभवन थाने में भाजपा प्रत्याशी सुरेश राणा के खिलाफ दो और रालोद प्रत्याशी जावेद राव के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था। सुरेश राणा ने युवा कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भाषण में कहा था कि सुरेश राणा चुनाव हार गया, तो देवबंद में जश्न मनेगा और यदि हमने मैदान मार लिया, तो देवबंद और रामपुर सहित कई जिलों में कर्फ्यू लग जाएगा। वहीं, रालोद प्रत्याशी जावेद राव ने भी सभा के दौरान भड़काऊ बयान देकर हलचल मचा दी थी। थानाभवन पुलिस ने इन दोनों ही मामलों में 26 मार्च को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चार्जशीट भेज दी है। जिला स्तर से पुलिस अधिकारियों ने इन मामलों की प्रगति के बारे में केंद्रीय चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी है।
विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुए आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी थी। अधिकांश मामलों में विवेचना पूरी करके संबंधित न्यायालय को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। केसों की प्रगति के संबंध में चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी गई है - अनिल कुमार झा, अपर पुलिस अधीक्षक।