कैराना। कब्रिस्तान की भूमि पर विवाद के चलते ग्रामीणों ने शव को दफनाने नहीं दिया। जिस पर बंगाली कश्यप समाज के लोग कोतवाली पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने कब्रिस्तान का विवाद निकाय चुनाव के कारण दो दिन बाद सुलझाने का आश्वासन दिया।
इस्लामनगर निवासी बंगाली कश्यप समाज की 45 वर्षीय विधवा माया लंबे समय से बीमार चल रही थी। मंगलवार सुबह चार बजे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद परिवार वाले महिला के शव को पास के कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ले गए। उक्त कब्रिस्तान पर पहले से ही विवाद के चलते शव को दफनाने से मना कर दिया।
जिसके बाद लोग कोतवाली में पहुंचे और पुलिस से गुहार लगाई। आरोप है कि कब्रिस्तान के एक हिस्से में पहले से ही हमारे समाज के लोग शव को दफनाते आए हैं। प्रशासन ने पहले भी कई बार कब्रिस्तान की पैमाइश कराने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक भी कब्रिस्तान का विवाद नहीं सुलझाया गया।
कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार ने बंगाली कश्यप समाज के लोगों को निकाय चुनाव में पुलिस की व्यस्तता के कारण दो दिन बाद प्रशासन के सहयोग से कब्रिस्तान की पैमाइश कराकर मामला निपटाने की बात कही। जिसके बाद बंगाली कश्यप समाज के लोग वापस चले गए और शव को अन्य जगह दफना दिया गया। हंगामे के दौरान कटार सिंह, अजब सिंह, श्याम सिंह, राजेश, बिजेंद्र, शेरसिंह, सरेश, लल्लन आदि बंगाली समाज के लोग मौजूद रहे।