कैराना। कांधला रोड पर छिपियों वाले कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए मकान और झोपड़ियों को गुस्साई भीड़ ने तहस नहस कर दिया। भीड़ ने कब्रिस्तान की जमीन पर रह रहे लोगों का सामान बाहर निकाला और झोपड़ियों में आग लगा दी। इसके बाद मकानों को ढहा दिया। इस दौरान घंटों
तक हंगामा हुआ, सूचना के काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने भीड़ को किसी तरह शांत किया।
गौरतलब है कि मंगलवार को गोर गरीबा कब्रिस्तान में जेसीबी चलाकर कब्रें नष्ट करने और पेड़ काटने पर सैकड़ों लोगों ने हंगामा कर दिया था। आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे लोगों को सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन ने समझाकर शांत कराया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो सगे भाइयों सहित 10 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।
उस समय भीड़ में शामिल लोगों ने चेतावनी दी थी कि कांधला रोड पर ही स्थित छीपियों वाले कब्रिस्तान में भी कुछ लोग अवैध कब्जा कर मकान और झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। वह चार दिन के अंदर अवैध कब्जा हटा लें, अन्यथा लोग खुद ही इस काम को कर देंगे। चार दिन बीतने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया, तो शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों लोग इकट्ठा होकर कब्रिस्तान में पहुंच गए।
भीड़ ने मकानों और झोपड़ियों में रह रहे परिवारों को बाहर निकाल दिया और उनका सामान बाहर फेंकते हुए झोपड़ियों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ में शामिल कुछ युवक मकानों की छतों पर चढ़ गए और कुछ ही देर में उन्हें तहस नहस कर दिया। मौके पर घंटों तक हंगामा होता रहा। सूचना के बावजूद कोतवाली पुलिस दो घंटे बाद मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत किया। सीओ भूषण वर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर आने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कुछ समय मांगा, लेकिन भीड़ ने एक नहीं सुनी
लोग जब छिपियों वाले कब्रिस्तान पर पहुंचे, तो वहां मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। उन्होंने कब्रिस्तान की जमीन को खाली करने के लिए कुछ और समय मांगा, लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी। परिवारों को झोपड़ियों और मकानों से बाहर निकालकर उनका सामान भी बाहर फेंका गया, लेकिन कब्जा करने के आरोपी परिवार असहाय नजर आए।