शामली। कैराना के खुरगान निवासी आमिर की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और कार्रवाई परिजनों के शक के घेरे में है। आज तक लाश बरामद नहीं हो पाई है। उधर, पुलिस भी इस मामले में धारा 302 बढ़ाने की कार्रवाई से हिचक रही है।
कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव खुरगान निवासी आमिर 27 जुलाई को गायब हो गया था। परिजनों ने एक अगस्त को कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने आमिर की कॉल डिटेल निकलवाई तो कहानी ही पलट गई थी। उसके बाद परिजनों ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आमिर के अपहरण करने के बाद हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार चारों ने आमिर के अपहरण की बात स्वीकारते हुए उसकी हत्या की बात कही थी।
उसके बाद पुलिस ने तीन ओर आरोपियों को जेल भेज दिया था, लेकिन आज तक पुलिस इस मामले में आमिर की लाश नहीं बरामद कर पाई है। इस पर परिजन असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। यही नहीं पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 364 के तहत ही कार्रवाई की है, जबकि अभी तक धारा 302 नहीं बढ़ा रही है।