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अकबरपुर सुन्हेटी से पलायन कर रहे ग्रामीण

Sun, 27 Nov 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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getway - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। अकबरपुर सुन्हेटी में ब्रह्मपाल की हत्या के बाद खौफजदा ग्रामीणों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। पांच दिन के भीतर चार लोग गांव से पलायन कर चुके हैं। उनके मकानों पर ताले लटक गए हैं। वहीं कुछ अन्य ग्रामीण भी पलायन करने की तैयारी में हैं। पुलिस अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि गांव से किसी ने पलायन नहीं किया है। 
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कैराना क्षेत्र के गांव अकबरपुर सुन्हेटी में सात माह पूर्व गुड्डी की हत्या हुई थी। उसी हत्याकांड में समझौता नहीं करने पर गत 21 नवंबर को गुड्डी के जेठ ब्रह्मपाल कश्यप की सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों ही वारदातों में दूसरे समुदाय के लोगों को आरोपी बनाया गया। इन घटनाओं की वजह से अकबरपुर सुन्हेटी में कश्यप समाज के लोगों में भय व्याप्त हो गया। सुरक्षा के लिहाज से गांव में पीएसी तैनात है, मगर खौफ कम नहीं हो रहा।

इसका असर है कि गांव से कश्यप समाज के चार परिवार बीते पांच दिन के भीतर पलायन कर गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मांगेराम कश्यप का पुत्र मोनू, लक्ष्मीचंद का पुत्र संदीप, सुरेश कश्यप और प्रवेश कश्यप अपने परिवार के साथ गांव से पलायन करके दूसरे स्थानों पर चले गए हैं, जबकि अन्य लोग भी पलायन करने की तैयारी में हैं। 
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उधर, पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा, सीओ कैराना भूषण वर्मा और कैराना कोतवाली प्रभारी ने शनिवार को गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि गांव में सुरक्षा के लिहाज से पीएसी तैनात है। ब्रह्मपाल हत्याकांड की जांच के लिए क्राइम ब्रांच के तीन इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में किसी ने भी पलायन करने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी। 

पलायन की तैयारी में हैं यह लोग 
ब्रह्मपाल का भाई और गुड्डी के पति संगत ने भी अकबरपुर सुन्हेटी गांव से जाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा जयकुमार कश्यप, मृतक ब्रह्मपाल का पु़त्र मनोज कश्यप, रमेश कश्यप, बिन्दर, कल्लू, प्रदीप, रामकुमार कश्यप, ललित कश्यप, रविंद्र कश्यप, मांगेराम कश्यप आदि ने पलायन के लिए सामान बांध लिया है। गुंडों के खौफ की वजह से अब गांव में जीना मुश्किल हो गया है, मजबूरी में गांव छोड़ना पड़ेगा।

दहशत में हैं ग्रामीण
1.  ब्रह्मपाल के पिता फूल सिंह ने कहा कि पहले मेरी पुत्रवधू को मार दिया और अब बेटे ब्रह्मपाल की हत्या कर दी गई। मेरे पांचों बेटों के परिवार गांव में रहने को तैयार नहीं हैं।
 2 . जयकुमार कश्यप ने कहा कि गांव में जान माल की सुरक्षा नहीं रही। हम डर के कारण अपने बच्चों को लेकर यहां से दूर चले जाएंगे।
  3. ब्रह्मपाल के पु़त्र मनोज कश्यप ने कहा कि मार पीछे पुकार होती है, कोई नहीं सुनता हमारी। मेरे पिता की हत्या कर दी गई। मेरी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हम गांव में नहीं रहना चाहते है। वहीं, ब्रह्मपाल के भाई रमेश कश्यप ने बताया कि उनके बराबर के मकान में रहने वाला सुरेश कश्यप व उसकी पत्नी कुसुम कल ही मकान पर ताला लगाकर हरियाणा के गोहाना शहर में रहने चले गए हैं। अब यहां पर हर समय डर सताता है। 
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4. मांगेराम कश्यप के पुत्र कल्लू ने बताया कि हम कहीं भी जाकर रह लेंगे। जब गांव से कश्यप समाज के सभी लोग चले जाएंगे, तो हम ही कैसे रहेंगे।
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