खुरगान में रेत खनन को लेकर ग्रामीण आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग हुई, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। बाद में ग्रामीणों के बीच कुछ लोगों ने समझौता कराने का प्रयास शुरू कर दिया। उधर, कैराना कोतवाली पुलिस घटना की जानकारी से इंकार कर रही है।
यमुना नदी में खनन करने के लिए खुरगान में भी स्थान निर्धारित है। जिसके चलते खनन करने वाले जेसीबी लगाकर खनन कर रहे हैं। आरोप है कि ठेका दूसरी जगह का है, लेकिन खनन करने वाले नियमों को ताक पर रखकर खनन दूसरी जगह कर रहे हैं। रविवार रात खुरगान के ग्रामीणों ने विरोध कर दिया और खेतों में खनन रोकने के लिए ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसी बात को लेकर खनन करने वालों, ग्रामीणों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान खनन करने वालों के समर्थन में कुछ ग्रामीण भी आ गए। गाली गलौज करते हुए दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों ने हथियार निकाल लिए तथा हवाई फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की आवाज पर आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीण अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े। फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने बताया कि इस बारे में उनके पास कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।