अमर उजाला ब्यूरो
शामली। दूसरी पत्नी का पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आवेदन कराने के आरोपी मौलाना अय्यूब के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
गौरतलब है कि शामली के मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी मौलाना अय्यूब शहर की एक मस्जिद का इमाम है। उसकी पत्नी बुशरा की 2015 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मौलाना अय्यूब ने बुशरा की बहन नुशरत से शादी कर ली थी। वहीं, कुछ दिन पूर्व मौलाना अय्यूब ने नुशरत का पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसमें मृत पत्नी बुशरा के कागजातों का इस्तेमाल किया गया और बुशरा के नाम से ही पासपोर्ट का आवेदन किया था। मामला जानकारी में आने पर शामली कोतवाली पुलिस ने मौलाना अय्यूब को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। साथ ही खुफिया विभाग की टीम ने भी पूछताछ कर मामले की पड़ताल की। बुधवार रात तक छानबीन चलती रही। इसके बाद मौलाना अय्यूब के खिलाफ धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं, बृहस्पतिवार को शामली कोतवाली पुलिस ने आरोपी मौलाना अय्यूब को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश कर दिया। न्यायालय ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
महत्वपूर्ण
- मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी है मौलाना अय्यूब, जमीयत उलमा ए हिंद का जिला महासचिव है
- मृत पत्नी के दस्तावेजों का सहारा लेकर दूसरी पत्नी के पासपोर्ट के लिए किया था आवेदन
- पुलिस ने धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के तहत दर्ज की रिपोर्ट
जमीयत उलमा हिंद का जिला महासचिव है अय्यूब
फर्जीवाडे़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया मौलाना अय्यूब जमीयत उलमा ए हिंद का जिला महासचिव भी है। उसकी गिरफ्तारी की सूचना पर संगठन के अन्य पदाधिकारी भी शामली कोतवाली पहुंचे और मामले की जानकारी ली। जमीयत उलमा ए हिंद के जिलाध्यक्ष मोहम्मद इकबाल और जिला सचिव मोहम्मद मुस्तफा का कहना है कि मौलाना अय्यूब को किसी साजिश के तहत फंसाया गया है। उसने अपनी पहली पत्नी बुशरा की याद में ही दूसरी पत्नी का नाम बुशरा रख लिया था और उसका आधार कार्ड भी बुशरा के नाम से ही बनवाया था।