सिपाही ने करीब 250 पासपोर्ट आवेदनों पर किए थे फर्जी हस्ताक्षर
अमर उजाला ब्यूरो
थानाभवन/शामली। पासपोर्ट आवेदन की जांच में फर्जीवाड़ा करने के मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। थानाभवन थाने के सिपाही (डाक मुंशी) ने पासपोर्ट के सिर्फ एक आवेदन पर उपनिरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि यह संख्या करीब 250 तक हो सकती है। उपनिरीक्षक की तरफ से आरोपी सिपाही फैय्याज के खिलाफ थानाभवन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की विवेचना में खुलासा होगा कि आरोपी सिपाही फैय्याज ने कुल कितने आवेदनों पर उपनिरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर किए थे।
कस्बा जलालाबाद में काफी समय से रहने वाले मोहम्मद रफी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। वह मूल रूप से मुंबई का रहने वाला था, लेकिन जलालाबाद के पते पर फर्जी दस्तावेज के जरिये उसने आवेदन किया था। इसकी जांच होने पर पता चला कि सिपाही (डाक मुंशी) फैय्याज ने मोहम्मद रफी के आवेदन पर उपनिरीक्षक आज्ञाराम के फर्जी हस्ताक्षर किए थे तथा मुहर भी लगाकर दी थी। इसका खुलासा होने पर पुलिस अधीक्षक ने थानाभवन थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार और सिपाही ( डाक मुंशी) फैय्याज को निलंबित कर दिया था। वहीं, शनिवार रात थानाभवन थाने के उपनिरीक्षक आज्ञाराम ने आरोपी सिपाही फैय्याज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उसमें बताया गया कि आरोपी सिपाही फैय्याज पासपोर्ट आवेदन आने पर रजिस्टर में उपनिरीक्षक आज्ञाराम के नाम दर्ज करता था, लेकिन जांच के लिए आवेदन उपनिरीक्षक को नहीं देता था। आवेदन करने वालों को बुलाकर वह खुद ही उपनिरीक्षक के हस्ताक्षर करके आवेदन को थानाध्यक्ष के लिए अग्रसारित कर देता था।
जून माह से चल रही थी कारगुजारी
पासपोर्ट आवेदनों पर फर्जीवाड़े से उपनिरीक्षक के हस्ताक्षर करने का सिलसिला जून माह से आरोपी सिपाही फैय्याज करता रहा। इस दौरान उसने करीब 250 आवेदनों को खुद ही हस्ताक्षर करके अग्रसारित कर दिया।
ऐसे खुली पोल पट्टी
उपनिरीक्षक आज्ञाराम हिंदी में हस्ताक्षर करते हैं, जबकि मोहम्मद रफी के आवेदन पर अंग्रेजी में हस्ताक्षर मिले थे। यह बात जब उच्चाधिकारियों को मालूम चली, तो उन्होंने भी उपनिरीक्षक आज्ञाराम से हस्ताक्षर के बारे में पूछताछ की। उपनिरीक्षक आज्ञाराम ने बताया कि वह तो अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते ही नहीं है। इसी के चलते पुष्टि हुई कि आरोपी सिपाही फैय्याज ने उपनिरीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर पासपोर्ट आवेदनों पर किए। इतना ही नहीं, उपनिरीक्षक के नाम की फर्जी मुहर भी लगाई जाती रही।
उपनिरीक्षक आज्ञाराम की तरफ से सिपाही (डाक मुंशी) फैय्याज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। अभी यह संख्या स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने आवेदनों पर सिपाही फैय्याज ने फर्जी हस्ताक्षर किए। सिपाही फैय्याज को निलंबित किया जा चुका है। -- दिनेश कुमार, पुलिस अधीक्षक
महत्वपूर्ण
उपनिरीक्षक आज्ञाराम ने सिपाही फैय्याज के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट