शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड पर विवादित बिल भेजकर भुगतान जमा कराने के मामले में चार लाख 71 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह बिल अपर दोआब शुगर मिल शामली में विद्युत विभाग की टीम द्वारा ऑडिट करने के बाद भेजे गए थे।
मैसर्स सर शादीलाल एंटरप्राइजेज के उद्यम अपर दोआब शुगर मिल में आवासीय रोशनी एवं पंखे हेतु विद्युत कनेक्शन एम1-53 टेरिफ एलएमवी तथा औद्योगिक उत्पादन हेतु विद्युत कनेक्शन संख्या एल-1-1 टेरिफ एचवी-2 लिया था। वर्ष 2010 में मैसर्स सर शादीलाल एंटर प्राइजेज की ओर से उक्त दोनों कनेक्शनों के बिल भुगतान के संबंध में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में दो वाद दायर किए। एक वाद आवासीय कनेक्शन के विवादित बिल भुगतान और दूसरे औद्योगिक कनेक्शन के बिल भुगतान के संबंध में किया गया।
बताया था कि उक्त दोनों कनेक्शनों का समय समय पर विद्युत बिल जमा कराया जाता रहा। इसके बावजूद कारपोरेशन की ऑडिट टीम द्वारा किए गए ऑडिट के बाद आवासीय कनेक्शन पर 1.77 लाख और औद्योगिक कनेक्शन पर 1.94 लाख रुपये का विवादित बिल बनाकर भेज दिया। दबाव डालकर उक्त बिलों का भुगतान कराया।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव और सदस्य श्रवण कुमार ने वाद की सुनवाई कर उपभोक्ता का वाद स्वीकार किया। कारपोरेशन को आदेश दिया कि विवादित बिल के रूप में जमा कराए गए भुगतान की राशि 3 लाख 71 हजार रुपये तथा दोनों वादों के क्षतिपूर्ति के रूप में 50-50 हजार रुपये (एक लाख रुपये) उपभोक्ता को अदा किए जाएं।
उक्त धनराशि आदेश की तिथि से 30 दिन के भीतर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम कार्यालय में चेक से जमा कराया जाए। आदेश का पालन ना करने पर कुल देय धनराशि पर वाणिज्य ब्याज की दर से 24 प्रतिशत सालाना ब्याज दंडात्मक रूप में देना होगा।