यमुना नदी में डूबने से हुई दंगा विस्थापित कालोनी के युवक की मौत के मामले में परिजनों ने कार्रवाई की मांग की। इसके चलते पुलिस ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर युवक का शव निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
28 जून को दभेड़ी खुर्द गांव के पास स्थित दंगा विस्थापित कालोनी अलफला में रहने वाले शाहनवाज (20) की बसेड़ा घाट के पास यमुना नदी में डूबने की वजह से मौत हो गई थी। वह हरियाणा में मजदूरी करके पैदल ही घर लौट रहा था। उस समय शाहनवाज के परिजनों ने कानूनी कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया था, जिसके चलते पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था। परिजनों ने कांधला में घसौली मार्ग स्थित कब्रिस्तान में शव सुपुर्द ए खाक कर दिया था। तीन दिन बाद ही शाहनवाज के पिता मकसूद ने कैराना कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके बेटे की हत्या की गई तथा दबाव बनाकर शव को सुपुर्द ए खाक करवा दिया था। मकसूद ने शाहनवाज का शव कब्र से निकलवाकर जांच कराने की मांग की थी। जिसके बाद एसडीएम के आदेश पर शुक्रवार को नायब तहसीलदार कोमिंद्र गुप्ता व उपनिरीक्षक जय किशोर ने शाहनवाज के परिजनों को साथ लेकर कांधला में घसौली रोड स्थित कब्रिस्तान पहुंचकर कब्र खुदवाई और शव बाहर निकलवाया। इसके बाद पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने बताया कि शाहनवाज के पिता के प्रार्थनापत्र पर शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।