शामली। हत्या के दो मामलों की गुत्थी सुलझाने में आदर्श मंडी पुलिस खुद ही उलझ के रह गई। हत्याकांड को सुलझाने में एक-एक कर 20 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
थानाभवन क्षेत्र के गांव रसीदगढ़ निवासी पंकज पुत्र सहेंद्र की हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव को बोरे में डालकर रेलवे ट्रैक पर गांव सिलावर में डाल दिया था। मामले में परिजनों ने कुछ लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उधर छह मार्च को कुड़ाना निवासी वेदपाल के पुत्र सुनील की नाई नंगला जाते समय रास्ते में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। सुनील को आधा दर्जन गोलियां मारी गई थी। इस मामले में परिजनों अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या जैसे संगीन मामले की जांच पुलिस कर रही है। एक मामले में पुलिस के सामने हत्यारोपी है, जबकि दूसरे मामले में भी परिजनों ने हत्यारोपियों के नाम बाद में खोले है। जिसके बाद भी पुलिस अभी तक किसी मुख्य नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है।
पुलिस का मानना है कि हत्या जैसे मामले में संदेह के आधार पर किसी को जेल नहीं भेजा जाना चाहिए, जब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिल जाता तब तक किसी को जेल भेजना सही नहीं है। इसी असमंजस के फेर में आदर्श मंडी पुलिस उलझी हुई है। हालांकि 20 दिन बाद भी आदर्श मंडी पुलिस ना तो इस असमंजस को दूर कर पाई है और ना ही अभी सही हत्यारों को ढूंढ पाई है। उधर, थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि हत्या के दोनों मामले बेहद संगीन है, हत्या किसने की है पुलिस इसकी जांच कर रही है, जल्द ही असली हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।