शामली। बैंक शाखा से रुपये निकालने गए युवक को दो शातिरों ने अपने चंगुल में फंसा लिया। दो लाख रुपये बैंक में जमा न होने की बात कहकर युवक को झांसे में लिया। दो लाख रुपये बताकर युवक को कागज के टुकड़ों की गड्डी थमा गए और उसके 21 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद बदमाशों की तलाश में जुट गई।
बनत के मोहल्ला आजादनगर निवासी शमीम पुत्र सलीम का बनत में ही स्थित एसबीआई शाखा में अकाउंट है। सोमवार दोपहर शमीम ने बैंक से 21 हजार रुपये निकाले। इस दौरान दो युवक भी बैंक में मौजूद थे, जो शमीम के साथ ही बैंक से बाहर निकल आए। बाहर आने पर उन्होंने शमीम से कहा कि हम दो लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराने आए हैं, लेकिन बैंक कर्मियों ने बगैर आधार कार्ड के रुपये जमा कराने से इंकार कर दिया है।
अब उन्हें अपने गांव जाना पडे़गा। रास्ते में उन्हें दो लाख रुपये लुटने का खतरा है। दोनों युवकों ने शमीम को बातों में फंसाकर दो लाख रुपये बताकर रुमाल में लिपटे कागज के टुकड़ों की गड्डी थमा दी। इसके साथ ही शमीम से 21 हजार लेकर कहा कि तुम यहीं बैंक पर इंतजार करो, हम आधार कार्ड लेकर आ रहे हैं।
काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब दोनों युवक नहीं लौटे तो शमीम ने रुमाल खोलकर देखा। रुमाल में नोट नहीं, बल्कि कागज के टुकड़ों की गड्डी थी। शमीम ने यह सूचना बैंक शाखा पर तैनात पुलिसकर्मी को दी। उन्होंने आदर्श मंडी थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बैंक शाखा में पहुंचकर घटना की छानबीन शुरू कराई।
उधर, इस मामले में थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि बैंक शाखा में लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक कराई गई। उसमें शमीम द्वारा बताए गए हुलिया वाले दो युवक दिखाई दे रहे हैं, लेकिन आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। बैंक अधिकारियों से सीसीटीवी फुटेज ली जाएगी। इसके बाद आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जाएगा।
आरोपियों में एक दिव्यांग भी था
शमीम ने पुलिस को शातिर ठगों का पूरा हुलिया बताया, जिनमें एक दिव्यांग भी था। एक बदमाश ने ब्लैक टी शर्ट, तो दूसरे ने ग्रे कलर की टी शर्ट और हरा लोवर पहन रखा था। ग्रीन लोवर पहने युवक दिव्यांग था।