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अधिवक्ताओ ने किया एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार

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वकीलों ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया
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कैराना (शामली)।
कांधला थाना पुलिस ने शांतिभंग की आशंका के आरोप में गिरफ्तार दो बहनों को कैराना में एसडीएम की कोर्ट में पेश किया। मजिस्ट्रेट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया। इस पर कैराना बार एसोसिएशन के अधिवक्ता लामबंद हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम और उनके पेशकार पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही एसडीएम कोर्ट की दीवार पर बहिष्कार का नोटिस भी चस्पा कर दिया।
शनिवार को कांधला थाना पुलिस ने मोहल्ला शेखजादगान निवासी दो सगी बहनों का यूको बैंक के पास रवि गोयल नामक युवक के साथ गालीगलौज करने पर शांतिभंग की आशंका में चालान किया, जबकि एक आरोपी को मौके से फरार दर्शाया गया। थाने से चालान के बाद दोनों बहनों को एसडीएम के न्यायालय में पेश किया गया। एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य ने दोनों आरोपी बहनों की जमानत मंजूर नहीं की और जेल भेज दिया। इस मामले में बार एसोसिएशन कैराना के अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई। वकीलों ने कोर्ट के बाहर हंगामा प्रारंभ कर दिया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम कोर्ट में अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार किया जाता है। आरोप है कि एसडीएम के पेशकार ने उक्त मामले में सुविधा शुल्क की मांग की। वकीलों के हंगामे से तहसील परिसर में मामला बढ़ता देख कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई तथा वकीलों को समझाने का प्रयास किया।
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इसके बाद, कैराना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में वकीलों के साथ दुर्व्यवहार की निंदा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक एसडीएम कैराना का स्थानांतरण नहीं होगा, तब तक एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा तथा अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस संबंध में अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट के बराबर में दीवार पर बहिष्कार का नोटिस भी चस्पा कर दिया।
कैराना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान और सहसचिव (प्रशासनिक) मनीष कौशिक ने बताया कि शांतिभंग की आशंका में पकड़ी गई एक लड़की नाबालिग है तथा उसकी बहन बीमार है। इसके बावजूद भी दोनों की जमानत नामंजूर कर दी गई। उन्होंने कहा कि सीआरपीसी की धारा 151 में ऐसा प्राविधान नहीं है, जिसमें नाबालिग और बीमार युवती को जेल भेज दिया जाए। इसके बावजूद दोनों बहनों को जेल भेज दिया गया।
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-- वर्जन --
दोनों लड़कियों को कांधला थाना पुलिस ने शांतिभंग की आशंका के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों लड़कियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। अधिवक्ताओं के साथ किसी ने दुर्व्यवहार नहीं किया। - दुष्यंत कुमार मौर्य, एसडीएम कैराना
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