कैराना (शामली)।
चार दिन पूर्व पुलिस मुठभेड़ में मारे गए इकराम टोला ने साहिबाबाद में रहने वाली कैराना की बेटी की सोने के जेवर लूटने के बाद हत्या कर दी थी। कैराना पुलिस को मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में इकराम टोला ने यह बात बताई थी। इस आधार पर 11 माह बाद साहिबाबाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए इकराम टोला के साथी तथा मृतका के ननद के लड़के को गिरफ्तार कर लिया।
कैराना के मोहल्ला गुंबद निवासी ओमप्रकाश वर्मा की बेटी सुनीता वर्मा उर्फ रानो (50) साहिबाबाद के सी ब्लाक में रहती थी। सुनीता के पति शिवकुमार की पिछले वर्ष ईद के दिन हार्टअटैक से मौत हो गई थी। 22 सितंबर 2016 की सुबह सुनीता का बेटा राजीव वर्मा घर से अपनी दुकान पर चला गया। घर में सुनीता अकेली थी। सुबह 11 बजे सुनीता की ननद की लड़का प्रमोद वर्मा अपने साथ इकराम टोला को लेकर पहुंचा। सुनीता ने इकराम को पहचानने के बाद दोनों को अंदर बुला लिया। दोनों को पानी के गिलास देने के बाद किचन में चाय बनाने चली गई थी। इस दौरान प्रमोद व इकराम टोला ने किचन में पीछे से जाकर सुनीता की गला घोंट कर हत्या कर दी थी। घर से सुनीता के दो लाख के जेवर लूट कर ले गए थे। पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन आज तक इसका खुलासा नहीं हुआ था। उधर, इकराम टोला के साथ पुलिस की मुठभेड़ के बाद मौत हो गई। बताया जाता है कि मरने से पहले पुलिस पूछताछ में इकराम ने इसका खुलासा किया था, जिसके बाद साहिबाबाद पुलिस हरकत में आई और शनिवार रात सहारनपुर से मृतका सुनीता की ननद के लड़के प्रमोद को उठा लिया। प्रमोद की गिरफ्तारी की सूचना पर मृतका का भाई अमित वर्मा कैराना से साहिबाबाद पहुंचा। अमित वर्मा के अनुसार पुलिस के सामने प्रमोद ने इकबाल कर लिया कि सोने के जेवरों को लूटने के लालच में उसने इकराम टोला के साथ मिलकर अपनी मामी सुनीता की हत्या कर दी थी। सुनीता के दूसरे भाई विक्की वर्मा ने बताया कि उन्हें खुशी है कि पुलिस ने इकराम टोला को मुठभेड़ में मार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रमोद को भी कड़ी सजा दिलाए।