अमर उजाला ब्यूरो
थानाभवन। पैसा कमाकर परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने का सपना लेकर मध्यप्रदेश से आए पुष्पराज ने कहां सोचा था कि उसका चचेरा भाई ही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। लोगों की माने तो पुष्पराज अक्सर शांत रहते हुए सिर्फ अपने काम पर ही ध्यान देता था। पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मध्यप्रदेश के जिले शहडोल के गांव आमझोर का रहने वाला 25 वर्षीय पुष्पराज घर से पैसा कमाने के लिए मुंडेट गांव में नौकरी करने के लिए आया था। परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, यही वजह है कि उसे घर से सैकड़ों किमी दूर नौकरी करने के लिए आना पड़ा। आसपास के लोगों ने बताया कि पुष्पराज के अलावा उसके क्षेत्र के तीन अन्य लोग विनोद, प्रदीप और श्रवण भी किसान अजीत सिंह के यहां मजदूरी करते थे। वह सिर्फ अपने चचेरे भाई विनोद के अलावा अन्य किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। पुष्पराज को नहीं पता था कि वह जिस चचेरे भाई के साथ रहकर काम कर रहा है वहीं उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह पंवार ने मुताबिक 13 दिसंबर की रात पुष्पराज ने अपने चचेरे भाई विनोद के साथ शराब पी थी। इसके बाद दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान विनोद ने पुष्पराज के सिर में डंडा मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 14 नवंबर की सुबह विनोद ने श्रवण के साथ मिलकर पुष्पराज के शव बोरे में डालकर दबा दिया। साथ ही श्रवण को धमकी दी कि यदि उसने इसके बारे में किसी को बताया तो वह उसकी भी हत्या कर देगा। किसान ने श्रवण से बात की तो उसने शुक्रवार को पूरी घटना बता दी। पुलिस ने बताया कि शनिवार शाम सात बजे तक पुष्पराज के परिजन थाने पहुंच जाएंगे।